‘अंतरराष्ट्रीय कानून अब खत्म…’ – ईरान-US जंग से भड़का रूस, P-5 देशों की इमरजेंसी बैठक बुलाई
‘अंतरराष्ट्रीय कानून अब खत्म…’ – ईरान-US जंग से भड़का रूस, P-5 देशों की इमरजेंसी बैठक बुलाई
न्यूज़ अपडेट: 8 मार्च 2026
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों से वैश्विक तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस बीच रूस ने सबसे तीखा बयान दिया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आज मॉस्को में कहा:
“अंतरराष्ट्रीय कानून अब खत्म हो चुका है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव, जेनेवा कन्वेंशन – सब कुछ कागज का टुकड़ा बनकर रह गया है। अमेरिका और इजरायल ने लेबनान, ईरान और सीरिया में जो कुछ भी किया है, वह खुले तौर पर युद्ध अपराध है।”
रूस ने इस संकट पर P-5 देशों (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य – अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन) की इमरजेंसी बैठक बुलाने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव वही है जो व्लादिमीर पुतिन ने 2022 में यूक्रेन संकट के समय दिया था, लेकिन अब इसे ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के संदर्भ में दोबारा उठाया गया है।
रूस का मुख्य संदेश क्या है?
अमेरिका और इजरायल के हमलों को “अंतरराष्ट्रीय कानून का सामूहिक उल्लंघन” बताया।
लेबनान में आज 400+ मौतें (जिनमें 83 बच्चे) और ईरान के तेल डिपो पर हमलों को “मानवता के खिलाफ अपराध” करार दिया।
कहा कि अगर P-5 बैठक नहीं होती या कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तो रूस को “अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए स्वतंत्र कदम” उठाने पड़ सकते हैं।
रूस ने ईरान को “पूर्ण सैन्य और तकनीकी सहायता” देने का वादा दोहराया।
P-5 बैठक का प्रस्ताव
रूस ने आज शाम UNSC में औपचारिक प्रस्ताव दाखिल किया है।
बैठक का प्रस्तावित समय: 48 घंटे के भीतर (10 या 11 मार्च को)।
एजेंडा:
ईरान, लेबनान और सीरिया में सिविलियन मौतों पर तत्काल युद्धविराम
इजरायल-अमेरिका हमलों की स्वतंत्र जांच
क्षेत्र में हथियारों की होल्डिंग और प्रॉक्सी युद्ध रोकने का प्रस्ताव
अन्य देशों की प्रतिक्रिया (संक्षेप में)
चीन: रूस के प्रस्ताव का समर्थन किया, कहा – “P-5 को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।”
फ्रांस: बैठक का समर्थन, लेकिन “सभी पक्षों को शामिल करने” की बात कही।
ब्रिटेन: “बैठक होनी चाहिए, लेकिन रूस का इरादा ईरान को हथियार सप्लाई करने का बहाना है” – विरोध का संकेत।
अमेरिका: अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस सूत्रों ने कहा – “रूस सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।”
भारत की स्थिति
भारत ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारत “तत्काल युद्धविराम” और “सभी पक्षों से संयम” की अपील करेगा। भारत P-5 का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन UNSC में गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर बैठक में शामिल हो सकता है।
यह प्रस्ताव अगले 24-48 घंटों में सबसे बड़ी कूटनीतिक घटना बन सकता है। अगर बैठक होती है तो दुनिया की नजरें P-5 पर टिकी रहेंगी।
क्या लगता है आपको – क्या P-5 बैठक से युद्ध रुक सकता है या सिर्फ कागजी प्रस्ताव बनेगा? कमेंट में बताएं। 🇷🇺🇮🇷🇮🇱🇺🇸
