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बांग्लादेश में हत्या, भारत में गिरफ्तारी… हादी मर्डर केस के 2 मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल में पकड़े गए!

बांग्लादेश में हत्या, भारत में गिरफ्तारी… हादी मर्डर केस के 2 मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल में पकड़े गए!

न्यूज़ अपडेट: 8 मार्च 2026

बांग्लादेश के चटगांव में हुए एक बेहद क्रूर हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी आज सुबह पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार कर लिए गए। यह मामला पिछले 10 दिनों से दोनों देशों की पुलिस के लिए बड़ा चैलेंज बना हुआ था। आरोपी बांग्लादेश से फरार होकर भारत में छिपे थे, और अब दोनों को कोलकाता के दमदम इलाके से पकड़ा गया है।

क्या है पूरा मामला? (हादी मर्डर केस)

घटना: 26 फरवरी 2026 को बांग्लादेश के चटगांव जिले के सातकानिया थाना क्षेत्र में हादी उर्फ हादीउज्ज़मान (उम्र 28 वर्ष) की क्रूर हत्या कर दी गई।

हत्या का तरीका: हादी को पहले गला घोंटकर बेहोश किया गया, फिर चाकू से कई वार किए गए। शव को जंगल में फेंक दिया गया था।

मकसद: प्रेम प्रसंग और जमीन विवाद। हादी की प्रेमिका रिया (नाम बदला गया) से आरोपी राकिब और उसके साथी सोहेल का पुराना झगड़ा था। रिया ने हादी से शादी करने का फैसला किया था, जिससे दोनों नाराज थे।

मुख्य आरोपी:

राकिब हुसैन (26 वर्ष) – हत्या का मुख्य प्लानर और एक्जीक्यूटर।

सोहेल अहमद (29 वर्ष) – साथी और हथियार सप्लायर।

कैसे भारत आए और कैसे पकड़े गए?

हत्या के तुरंत बाद दोनों आरोपी बांग्लादेश से बेनापोल बॉर्डर के रास्ते भारत में घुसे।

वे पहले उत्तर 24 परगना के बांग्लादेशी बस्ती में छिपे, फिर कोलकाता के दमदम इलाके में एक किराए के मकान में रहने लगे।

दोनों फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी बनवाकर छिपे थे।

गिरफ्तारी: बांग्लादेश पुलिस (CID चटगांव) ने इंटरपोल और BSF के साथ मिलकर लोकेशन ट्रैक की।

आज सुबह 4:30 बजे पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और दमदम थाने की टीम ने छापेमारी की।

दोनों आरोपी सोते हुए पकड़े गए। उनके पास चाकू, फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और करीब 1.2 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

अब आगे क्या?

दोनों आरोपियों को आज ही ट्रांजिट रिमांड पर बांग्लादेश पुलिस के हवाले किया जाएगा।

बांग्लादेश में उन पर धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना) और 34 (साझा इरादा) के तहत केस दर्ज है।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने कहा कि दोनों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने और फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में भी बुक किया जाएगा।

यह मामला भारत-बांग्लादेश पुलिस सहयोग का अच्छा उदाहरण है। दोनों देशों की पुलिस ने पिछले 10 दिनों में तेजी से काम किया, जिससे आरोपी फरार नहीं रह सके।

 

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