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खुद को अमित शाह का निजी सचिव बताकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार – लोगों से लाखों रुपये ऐंठे, ऐसे लेता था झांसे में!

खुद को अमित शाह का निजी सचिव बताकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार – लोगों से लाखों रुपये ऐंठे, ऐसे लेता था झांसे में!

न्यूज़ अपडेट: 8 मार्च 2026

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े फ्रॉडस्टर को गिरफ्तार किया है, जो खुद को गृह मंत्री अमित शाह का निजी सचिव (Personal Secretary) बताकर लोगों से ठगी करता था। आरोपी का नाम राहुल शर्मा (उम्र 38 वर्ष, मूल रूप से हरियाणा का निवासी) है। पुलिस ने उसे दिल्ली के कपास हेरा इलाके से गिरफ्तार किया। उसके पास से फर्जी विजिटिंग कार्ड, अमित शाह के नाम से छपे लेटरहेड, फेक ID कार्ड और कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

कैसे करता था ठगी?

राहुल शर्मा एक सुनियोजित तरीके से काम करता था। उसकी मुख्य चालें ये थीं:

फर्जी पहचान बनाना

वह खुद को “अमित शाह जी के OS (Office of Secretary)” या “गृह मंत्रालय का पर्सनल स्टाफ” बताता था।

फर्जी विजिटिंग कार्ड पर लिखा होता था: “Rahul Sharma, Personal Secretary to Hon’ble Home Minister Shri Amit Shah”।

फोन पर अमित शाह की ऑफिशियल जैसी रिंगटोन लगाकर कॉल करता था।

लोगों को झांसा देना

टारगेट: सरकारी नौकरी चाहने वाले, ट्रांसफर/प्रमोशन चाहने वाले, लैंड डिस्प्यूट वाले, बिजनेसमैन और राजनीतिक कनेक्शन चाहने वाले लोग।

कहता था: “मैं अमित शाह जी का सबसे करीबी हूं। आपकी फाइल मेरे पास है, बस 2-5 लाख रुपये लगेंगे तो काम हो जाएगा।”

कई बार कहता था कि “मंत्री जी ने खुद कहा है कि आपका काम हो जाएगा, बस पेमेंट UPI/ट्रांसफर कर दो।”

कुछ मामलों में फेक वीडियो कॉल या ऑडियो क्लिप भेजता था, जिसमें अमित शाह की पुरानी स्पीच को एडिट करके इस्तेमाल करता था।

पैसे ऐंठने के तरीके

पहले छोटी रकम (10-20 हजार) मांगता था – “एडवांस प्रोसेसिंग फीस”।

फिर बार-बार “अतिरिक्त फाइल मूवमेंट चार्ज”, “मंत्री जी के स्पेशल फंड”, “सिक्योरिटी क्लीयरेंस फीस” के नाम पर लाखों रुपये मांगता।

कुल मिलाकर 50 से ज्यादा शिकायतें आईं, जिसमें 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का अनुमान है।

गिरफ्तारी और जांच

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पिछले 6 महीने से इस गिरोह पर नजर रखी थी।

एक पीड़ित (जो IPS बनना चाहता था) ने 8 लाख रुपये दिए, लेकिन काम नहीं हुआ तो शिकायत की।

आरोपी के फोन से 200+ लोगों के नंबर, बैंक डिटेल्स और चैट्स बरामद हुए।

पुलिस ने कहा कि राहुल अकेला नहीं था – उसके 2-3 साथी भी हैं, जिनकी तलाश जारी है।

मामला धारा 420 (ठगी), 467 (फर्जी दस्तावेज), 468 (फर्जी दस्तावेज बनाना), 471 (फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल) के तहत दर्ज है।

पीड़ितों की आम शिकायतें

“उसने कहा था कि मंत्री जी खुद मेरी फाइल देख रहे हैं।”

“वीडियो कॉल पर अमित शाह की आवाज सुनाई दी, लेकिन अब पता चला फेक था।”

“मैंने घर बेचकर पैसे दिए थे, अब सब कुछ खत्म हो गया।”

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी “अमित शाह ऑफिस” या “गृह मंत्रालय” से फोन आया है और पैसे मांगे गए हैं, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।

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