गुजरात के सूरत में डाइंग मिल के टैंक में जहरीली गैस से 3 बिहार मजदूरों की मौत – बिना सेफ्टी इक्विपमेंट उतरे, चौथा गंभीर!
गुजरात के सूरत में डाइंग मिल के टैंक में जहरीली गैस से 3 बिहार मजदूरों की मौत – बिना सेफ्टी इक्विपमेंट उतरे, चौथा गंभीर!
न्यूज़ अपडेट: 7 मार्च 2026
गुजरात के सूरत शहर में एक डाइंग मिल (रंगाई फैक्ट्री) के केमिकल टैंक में बिना किसी सेफ्टी उपकरण के उतरने से जहरीली गैस की चपेट में आने से 3 बिहार मूल के मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। चौथा मजदूर अभी अस्पताल में जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहा है। यह हादसा आज सुबह हुआ, और पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का स्थान: सूरत की एक डाइंग मिल (रिपोर्ट्स में पांडेसरा या आसपास के इंडस्ट्रियल एरिया का जिक्र) में केमिकल/वेस्ट टैंक।
मृतक: तीनों मजदूर बिहार के (जिले/गांव की डिटेल अभी क्लियर नहीं, लेकिन बिहार से माइग्रेंट वर्कर्स)। नाम अभी जारी नहीं हुए।
कैसे हुआ हादसा: चार मजदूर टैंक की सफाई या मेंटेनेंस के लिए बिना ऑक्सीजन मास्क, सेफ्टी हार्नेस, गैस डिटेक्टर या कोई प्रोटेक्टिव गियर के उतरे। टैंक में मौजूद जहरीली गैस (संभावित हाइड्रोजन सल्फाइड, मीथेन या अन्य टॉक्सिक फ्यूम्स) से दम घुट गया। पहले एक बेहोश हुआ, बाकी रेस्क्यू करने उतरे लेकिन वे भी चपेट में आ गए।
रिपोर्ट्स: Aaj Tak, News4Nation और अन्य मीडिया में खबर – पुलिस ने कहा कि मजदूरों को सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो नहीं करवाया गया। फैक्ट्री मालिक और सुपरवाइजर पर लापरवाही का केस बन सकता है।
पुलिस एक्शन: आकस्मिक मौत (Accidental Death) FIR दर्ज। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। फैक्ट्री सील करने और जांच की मांग उठ रही है।
यह घटना मैनुअल स्कैवेंजिंग और असुरक्षित वर्क कंडीशंस का दर्दनाक उदाहरण है। भारत में हर साल दर्जनों मजदूर सेप्टिक टैंक, सीवर या इंडस्ट्रियल टैंक्स में जहरीली गैस से मरते हैं, क्योंकि सेफ्टी नियमों की अनदेखी की जाती है। बिहार से लाखों मजदूर गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में काम करने जाते हैं, और ऐसे हादसे आम हैं।
मैनुअल स्कैवेंजिंग पर कानून: Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013 के तहत बिना सेफ्टी के टैंक में उतरना गैरकानूनी है। लेकिन अमल कमजोर है।
परिवारों को मुआवजा और जांच की मांग तेज हो रही है। अगर आप बिहार से हैं और ऐसे हादसों से जुड़े हैं, तो स्थानीय लेबर डिपार्टमेंट या हेल्पलाइन से संपर्क करें।
