इजरायल की ‘रॉरिंग लायन’ ऑपरेशन में बेरूत पर अब तक की सबसे भीषण बमबारी – हिजबुल्लाह के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने का दावा!
इजरायल की ‘रॉरिंग लायन’ ऑपरेशन में बेरूत पर अब तक की सबसे भीषण बमबारी – हिजबुल्लाह के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने का दावा!
न्यूज़ अपडेट: 7 मार्च 2026
इजरायल की एयर फोर्स (IDF) ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर रातोंरात बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जो पिछले 20 सालों में सबसे विनाशकारी बताए जा रहे हैं। यह हमला Operation Roaring Lion का हिस्सा है, जो ईरान और उसके प्रॉक्सी ग्रुप्स (जैसे हिजबुल्लाह) के खिलाफ चल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने F-35 और F-16 फाइटर्स से 200 से ज्यादा सॉर्टीज़ कीं, जिसमें स्मार्ट बॉम्ब्स, क्रूज मिसाइल्स और ड्रोन्स का इस्तेमाल हुआ।
टारगेट्स: मुख्य रूप से दक्षिणी बेरूत के सबर्ब्स (जैसे दाहिया), जहां हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर्स, कमांड सेंटर्स, वेपन स्टोरेज और रॉकेट लॉन्चर्स स्थित थे। इजरायल का दावा है कि 150+ टारगेट्स नष्ट किए गए, जिसमें हिजबुल्लाह के सीनियर कमांडरों की मौत भी शामिल है।
नुकसान: लेबनानी हेल्थ मिनिस्ट्री के अनुसार, कम से कम 450 सिविलियन घायल हुए, 120 मौतें (अनऑफिशियल आंकड़े ज्यादा हो सकते हैं)। कई इमारतें ध्वस्त, पावर ग्रिड डैमेज्ड, और एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द। बेरूत के कई इलाकों में आग लगी हुई है, और रेस्क्यू ऑपरेशन्स जारी हैं।
इजरायल का बयान: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “यह दहाड़ है जो हिजबुल्लाह और ईरान को चुप करा देगी। हमारी सुरक्षा के लिए कोई समझौता नहीं।” IDF ने वीडियो जारी किए, जिसमें टारगेट्स पर सटीक हमले दिखाए गए हैं।
लेबनान/हिजबुल्लाह की प्रतिक्रिया: हिजबुल्लाह ने इजरायल के उत्तरी इलाकों (जैसे हाइफा) पर 50+ रॉकेट्स दागे, लेकिन आयरन डोम ने ज्यादातर इंटरसेप्ट कर लिए। लेबनान सरकार ने UN से इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है, और ईरान ने इसे “वार क्राइम” बताया है।
अमेरिकी रोल: US ने इजरायल को सपोर्ट दिया, और USS Gerald R. Ford से इंटेलिजेंस शेयरिंग की जा रही है। ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि यह “आतंकवाद के खिलाफ जरूरी कदम” है।
यह हमला ईरान के साथ चल रहे ब्रॉडर वॉर का हिस्सा लगता है, जहां इजरायल हिजबुल्लाह को ईरान का “फ्रंटलाइन प्रॉक्सी” मानता है। पिछले हफ्ते से लेबनान बॉर्डर पर टेंशन बढ़ी हुई थी, और यह बमबारी उसी का क्लाइमैक्स है। अंतरराष्ट्रीय कम्युनिटी (EU, UN) ने दोनों पक्षों से संयम की अपील की है, लेकिन स्थिति और बिगड़ सकती है।
बेरूत के लोग अब ट्रॉमा में हैं – 2006 की इजरायल-लेबनान वॉर की यादें ताजा हो गई हैं। क्या यह युद्ध और फैलेगा? आपकी राय क्या है?
