उत्तराखंड

शोक की लहर: थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोक गायिका रिंकू राणा का निधन, सीएम धामी ने जताया दुख

शोक की लहर: थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोक गायिका रिंकू राणा का निधन, सीएम धामी ने जताया दुख

खटीमा: सीमांत क्षेत्र के थारू जनजाति समाज की उभरती हुई लोक गायिका और सांस्कृतिक दल की प्रमुख रिंकू राणा (36 वर्ष) का आकस्मिक निधन हो गया है। इस खबर से थारू समाज और कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

हादसे के बाद अस्पताल में घोषित किया मृत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिंकू राणा को अचेत अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनकी भतीजी का इलाज अभी जारी है। पुलिस और प्रशासन द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा उपजिला अस्पताल भेज दिया गया है, जहाँ आगे की कार्यवाही की जा रही है।

सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति

रिंकू राणा केवल एक कलाकार ही नहीं, बल्कि थारू संस्कृति की संवाहक भी थीं। वे:

* प्रसिद्ध लोक कलाकार बंटी राणा के सांस्कृतिक दल के साथ जुड़ी थीं।

* वह दल की प्रमुख (लीडर) के रूप में राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में अपनी कला का प्रदर्शन करती थीं।

* उन्होंने अपनी गायकी और नृत्य के माध्यम से थारू संस्कृति को प्रदेश स्तर पर नई पहचान दी थी।

परिवार में शोक का माहौल

रिंकू राणा मूल रूप से नानकमत्ता के पूरनगढ़ नौगला की रहने वाली थीं। उनके निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे पति महेश सिंह और 9 वर्षीय पुत्र निशांत सिंह को रोता-बिलखता छोड़ गई हैं।

मुख्यमंत्री और क्षेत्र के दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

रिंकू राणा के असामयिक निधन पर प्रदेश के राजनीतिक जगत ने गहरा शोक व्यक्त किया है:

“रिंकू राणा का निधन लोक कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।” – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

खटीमा विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने भी उनकी मृत्यु को क्षेत्र और थारू समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। थारू जनजाति के लोक कलाकारों ने इसे अपनी संस्कृति के लिए एक काला दिन करार दिया है।

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