अन्तर्राष्ट्रीय

तेहरान में ‘महाविनाश’: अमेरिका-इजरायल की सटीक हमले कैसे हुए?

ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई ने ‘महाविनाश’ मचा दिया है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई इस ऑपरेशन (अमेरिका द्वारा ‘Operation Epic Fury’ और इजरायल द्वारा ‘Roaring Lion’ या ‘Shield of Judah’ नामित) में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। ईरानी स्टेट मीडिया ने 1 मार्च 2026 को उनकी मौत की पुष्टि की, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में हलचल मच गई है।

कैसे इतनी सटीक स्ट्राइक हुई?

अमेरिका और इजरायल की इस कार्रवाई की सफलता मुख्य रूप से उन्नत खुफिया जानकारी (Intelligence) और उच्च परिशुद्धता वाली हथियार प्रणालियों पर टिकी थी। प्रमुख बिंदु:

CIA की महीनों की निगरानी: अमेरिकी CIA ने खामेनेई की लोकेशन और रूटीन को ट्रैक किया। शनिवार सुबह तेहरान के हार्ट में एक महत्वपूर्ण मीटिंग की खबर मिली, जहां खामेनेई अपने टॉप एड्स के साथ थे। CIA ने इस इंटेल को इजरायल के साथ शेयर किया, जिससे सटीक टाइमिंग पर हमला संभव हुआ।

खुफिया साझेदारी: अमेरिका-इजरायल की गहरी इंटेलिजेंस शेयरिंग से ईरान के एयर डिफेंस, मिसाइल साइट्स, न्यूक्लियर फैसिलिटी और लीडरशिप कंपाउंड की सटीक जानकारी मिली। इजरायल ने खामेनेई के ऑफिस/रेजिडेंस पर डायरेक्ट स्ट्राइक की, जहां उनका शरीर मिला।

हथियार और तकनीक: स्टेल्थ फाइटर जेट्स, प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइल्स (जैसे JDAMs, स्पाइक मिसाइल्स) और ड्रोन का इस्तेमाल। हमले में 12+ शहरों (तेहरान, इस्फहान, कुम, कराज, केरमानशाह) को टारगेट किया गया, जिसमें IRGC कमांडर, डिफेंस मिनिस्टर और अन्य टॉप अधिकारी मारे गए।

ईरान की कमजोरी: ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को पहले से कमजोर किया गया था (जून 2025 में न्यूक्लियर साइट्स पर हमले से)। खामेनेई का कंपाउंड पूरी तरह तबाह हो गया।

तबाही का मंजर और अपडेट (1 मार्च 2026 तक):

खामेनेई की मौत: 86 वर्षीय खामेनेई के साथ उनकी बेटी, पोता, बहू और दामाद भी मारे गए। कई रिपोर्ट्स में 200+ मौतें (सिविलियन और मिलिट्री) और 750+ घायल।

तेहरान में हमले: धुआं उठता दिख रहा, बड़े विस्फोट। इजरायल ने 1 मार्च को ‘हार्ट ऑफ तेहरान’ में नई वेव ऑफ स्ट्राइक्स की, जहां स्मोक और एक्सप्लोजन रिपोर्ट्स।

ईरान का बदला: ईरान ने इजरायल (तेल अवीव, जेरूसलम), यूएस बेस (गल्फ में), दुबई, अबू धाबी, दोहा, बहरीन पर मिसाइल-ड्रोन अटैक किए। कई जगहों पर तबाही, एयरपोर्ट बंद, फ्लाइट्स कैंसल।

ट्रंप का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘रिजीम चेंज’ का हिस्सा बताया और कहा कि हमले जारी रहेंगे। उन्होंने ईरानियों से रिजीम के खिलाफ उठने की अपील की।

नेतृत्व संकट: ईरान में सक्सेशन अनिश्चित, कई संभावित उत्तराधिकारी भी मारे गए। 40 दिनों का शोक घोषित।

वैश्विक प्रभाव: ऑयल प्राइसेज में उछाल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंदी की आशंका, हजारों विदेशी (भारतीय सहित) फंसे।

ये हमला 1979 की इस्लामिक रिवॉल्यूशन के बाद ईरान पर सबसे बड़ा अटैक है। स्थिति तेजी से बदल रही है – ईरान ने ‘दुनिया के सबसे बड़े हमले’ की धमकी दी है, जबकि अमेरिका-इजरायल ‘पीस थ्रू स्ट्रेंथ’ पर अड़े हैं। मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा बढ़ गया है। सुरक्षित रहें!

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