खामेनेई की मौत पर भारत में भड़का गुस्सा: लखनऊ से श्रीनगर तक सड़कों पर उतरे शिया मुसलमान, अमेरिका-इजरायल विरोधी नारे
खामेनेई की मौत पर भारत में भड़का गुस्सा: लखनऊ से श्रीनगर तक सड़कों पर उतरे शिया मुसलमान, अमेरिका-इजरायल विरोधी नारे
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में मौत की खबर ने भारत में भी शिया समुदाय को आक्रोशित कर दिया है। लखनऊ से लेकर श्रीनगर तक हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं, जहां अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने कई जगहों पर हल्का बल प्रयोग किया, लेकिन स्थिति अभी नियंत्रण में बताई जा रही है।
लखनऊ में, जहां शिया समुदाय की बड़ी आबादी है, हुसैनाबाद क्लॉक टावर और बड़ा इमामबाड़ा के पास सैकड़ों लोग जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की तस्वीरें लेकर मार्च निकाला और “अमेरिका मुर्दाबाद, इजरायल मुर्दाबाद” के नारे लगाए। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, “खामेनेई शिया दुनिया के एक बड़े लीडर थे। उनकी हत्या इस्लाम विरोधी साजिश है। हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि अमेरिका के खिलाफ आवाज उठाए।” यहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कम से कम 5 लोग हिरासत में लिए गए।
श्रीनगर में भी कश्मीर घाटी के शिया बहुल इलाकों जैसे जदीबल और हसनाबाद में विरोध प्रदर्शन हुए। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि सैकड़ों लोग सड़कों पर निकले और ईरान के झंडे लहराते हुए नारे लगाए। एक प्रदर्शनकारी अली हसन ने बताया, “खामेनेई की मौत से हमारा दिल टूट गया है। यह अमेरिका की साम्राज्यवादी नीति का नतीजा है। हम शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं, लेकिन अगर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज होगा।” यहां ठंड के बावजूद लोग घंटों सड़कों पर रहे, और कुछ जगहों पर टायर जलाए गए। अधिकारियों ने इंटरनेट स्पीड कम करने की अफवाहें भी फैलीं, लेकिन इसे खारिज किया गया।
दिल्ली में जंतर-मंतर पर छोटा-मोटा प्रदर्शन हुआ, जहां ईरान के दूतावास के बाहर भी लोग जमा हुए। वहीं, हैदराबाद, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में भी छिटपुट विरोध देखा गया। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत स्थिति पर नजर रखे हुए है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का सम्मान करता है, लेकिन हिंसा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह विरोध मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर दिखाता है, जहां ईरान पर हमलों के बाद पूरे विश्व में शिया समुदाय में गुस्सा फैल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव बढ़ा तो भारत में भी सुरक्षा चुनौतियां बढ़ सकती हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
