Saturday, March 7, 2026
Latest:
अन्तर्राष्ट्रीय

सऊदी, तुर्की, चीन… अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर दुनिया की चिंता: डायलॉग और संयम की अपील

पाकिस्तान और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच हालिया सीमा संघर्ष ने 27 फरवरी 2026 को “ओपन वॉर” का रूप ले लिया है। पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और अन्य इलाकों में एयरस्ट्राइक्स किए, जबकि अफगानिस्तान ने बॉर्डर पर जवाबी हमले किए। पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने इसे “ओपन वॉर” घोषित किया।

दुनिया के प्रमुख देशों और संगठनों ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है। ज्यादातर ने संयम, डायलॉग और मध्यस्थता की अपील की है, क्योंकि ये संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है। यहां मुख्य देशों की प्रतिक्रियाएं:

सऊदी अरब (Saudi Arabia)

सऊदी फॉरेन मिनिस्टर प्रिंस फैसल बिन फरहान ने पाकिस्तानी काउंटरपार्ट इशाक डार से फोन पर बात की।

दोनों ने क्षेत्रीय तनाव कम करने, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के तरीकों पर चर्चा की।

सऊदी ने पहले भी मध्यस्थता की भूमिका निभाई है (जैसे अक्टूबर 2025 में कैद सैनिकों की रिहाई) और अब भी डायलॉग को बढ़ावा दे रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे पाकिस्तान को “स्ट्रैटेजिक सपोर्ट” के रूप में देखा जा रहा है।

तुर्की (Turkey)

तुर्की के फॉरेन मिनिस्टर हकान फिदान ने अलग-अलग फोन कॉल्स में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, कतर और सऊदी अरब के मिनिस्टर्स से बात की।

उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने और नेगोशिएशंस पर लौटने की अपील की।

तुर्की ने पहले भी (अक्टूबर 2025 में) कतर के साथ मिलकर सीजफायर ब्रोकर किया था और इस्तांबुल में टॉक्स होस्ट किए थे। अब भी वो एक्टिव मीडिएटर है।

चीन (China)

चीन के फॉरेन मिनिस्ट्री ने “डीप कंसर्न” जताया और दोनों देशों से “शांत रहने, संयम बरतने” की अपील की।

स्पोक्सपर्सन माओ निंग ने कहा: “एस्केलेशन दोनों पक्षों को नुकसान पहुंचाएगा। डायलॉग और नेगोशिएशन से डिस्प्यूट सॉल्व करें।”

चीन ने “कंस्ट्रक्टिव रोल” प्ले करने की पेशकश की है, क्योंकि उसके CPEC और BRI इंटरेस्ट्स पाकिस्तान में खतरे में हैं (TTP अटैक्स से)। वो पहले भी पाक-अफगान टॉक्स में शामिल रहा है।

अन्य प्रमुख प्रतिक्रियाएं (संक्षेप में)

ईरान: डायलॉग फैसिलिटेट करने की पेशकश की, रामजान के महीने में “किसी भी मदद” के लिए तैयार।

रूस: “शार्प एस्केलेशन” पर चिंता, दोनों से फाइटिंग रोकने और डिप्लोमेसी अपनाने की अपील। मीडिएशन ऑफर।

संयुक्त राष्ट्र: सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने सिविलियंस की प्रोटेक्शन और डिप्लोमेसी की अपील की।

कतर: पहले मीडिएटर रहा, अब भी कॉल्स में शामिल।

कुल मिलाकर, मुस्लिम दुनिया (सऊदी, तुर्की, ईरान, कतर) और बड़े पावर (चीन, रूस) डी-एस्केलेशन पर जोर दे रहे हैं, क्योंकि ये संघर्ष TTP/दहशतगर्दी से जुड़ा है और क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है।

ये तनाव अक्टूबर 2025 के क्लैश के बाद से बढ़ा है, जब TTP अटैक्स और बॉर्डर इश्यूज पर झगड़ा हुआ था। अभी कोई बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं, लेकिन डिप्लोमैटिक प्रयास जारी हैं। स्थिति तेजी से बदल सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *