मुख्यमंत्री ने बिन्दुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की पुरानी घोषणा को पुनर्जीवित किया, विधायक मोहन सिंह बिष्ट के अनुरोध पर लिया बड़ा फैसला
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट के अनुरोध पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। लालकुआं क्षेत्र के अंतर्गत स्थित बिन्दुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने संबंधी पहले की गई घोषणा को, जो जुलाई 2025 में विलोपित (हटाई) गई थी, अब पुनर्जीवित (revive) कर दिया गया है।
पृष्ठभूमि और कारण
बिन्दुखत्ता क्षेत्र वन भूमि (forest land) के अंतर्गत आता है, इसलिए इसे राजस्व ग्राम बनाने के लिए वन विभाग के माध्यम से भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (No Objection Certificate) प्राप्त करना आवश्यक है।
इस प्रक्रिया में समय लगने की संभावना के कारण, 1 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागीय समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार, राजस्व विभाग ने इस घोषणा को अपनी सूची से हटाने का अनुरोध किया था, और इसे विलोपित कर दिया गया था।
स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग, विरोध प्रदर्शन और विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट के बार-बार प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री ने इसे फिर से सक्रिय करने का अनुमोदन प्रदान किया है।
वर्तमान स्थिति (फरवरी 2026 तक की खबरों के आधार पर)
यह निर्णय हाल ही में लिया गया है (फरवरी 2026 के आसपास), और इससे बिन्दुखत्ता के निवासियों में उम्मीद जगी है। क्षेत्र के लोग दशकों से राजस्व ग्राम का दर्जा मांग रहे हैं, क्योंकि इससे उन्हें भूमि अधिकार, पंचायत चुनाव, सरकारी योजनाओं का लाभ आदि मिल सकेगा।
पहले भी कई बार घोषणाएं हुईं (जैसे 2009 में बीसी खंडूड़ी, 2015 में हरीश रावत, और 2024 में धामी द्वारा), लेकिन क्रियान्वयन में देरी रही।
अब सरकार गंभीर है; जल्द कैबिनेट में प्रस्ताव लाने और Forest Rights Act (FRA) के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है।
हाल के महीनों में बड़े प्रदर्शन हुए, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए, और अब यह पुनर्जीवित घोषणा एक सकारात्मक कदम है।
यह कदम स्थानीय जनता के लिए राहत की बात है, लेकिन अंतिम रूप से राजस्व ग्राम बनने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी और FRA प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि आपके पास इस संबंध में कोई अतिरिक्त प्रश्न है, जैसे प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी या अपडेट, तो बताएं!
