हरिद्वार में ट्रक ड्राइवर मारपीट मामला: धर्म पूछकर पीटने के आरोपों का पुलिस ने किया खंडन
हरिद्वार में ट्रक ड्राइवर मारपीट मामला: धर्म पूछकर पीटने के आरोपों का पुलिस ने किया खंडन, कहा – लघु शंका को लेकर हुई थी झड़प, दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज
उत्तर प्रदेश के ट्रक ड्राइवर फिरोज आलम द्वारा हरिद्वार में धर्म पूछकर मारपीट किए जाने के गंभीर आरोपों का हरिद्वार पुलिस ने खंडन कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटना ट्रक के पहिए के पास लघु शंका (यूरीनेशन) करने को लेकर हुई विवाद से शुरू हुई थी, न कि किसी धार्मिक आधार पर।
घटना का पूरा विवरण:
तारीख: 22 फरवरी 2026 की रात
स्थान: कलियर-बहादराबाद मार्ग पर स्थित किसान ढाबा के पास
ट्रक ड्राइवर: फिरोज आलम (पुत्र कमरे आलम, निवासी मन्सूरपुर माफी, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश)
आरोपी पक्ष: नितीश पाल, विभांशु, अंकुर चौहान, गौरव और कार्तिक चौहान
ट्रक ड्राइवर फिरोज ने आरोप लगाया था कि ढाबे पर रुकने के बाद कुछ लोगों ने उससे नाम पूछा, धर्म पता चलने पर लाठी-डंडों से पीटा और सिर में टांके लगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही। इस पर हरिद्वार के मुस्लिम ट्रांसपोर्टरों ने भी उनका समर्थन किया और प्रदर्शन की धमकी दी।
पुलिस का पक्ष और एसएसपी का बयान:
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से बताया:
ट्रक के पास नितीश और विभांशु लघु शंका करने लगे थे।
फिरोज ने उन्हें टोका, जिस पर गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई।
दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से नहीं जानते थे।
घटना अचानक हुई, धर्म संबंधी कोई टिप्पणी या आधार सामने नहीं आया।
दोनों पक्षों की तहरीर पर बहादराबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच जारी है, उसी आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
वर्तमान स्थिति:
पहले नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ (मंगलवार रात करीब 11 बजे)।
ट्रक ड्राइवर फिरोज के खिलाफ भी दूसरे पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज।
पुलिस ने दोनों पक्षों को बराबर माना और कहा कि कोई धार्मिक एंगल नहीं है।
मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, जांच चल रही है।
यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जहां कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने इसे सामान्य झड़प बताते हुए अफवाहों पर लगाम लगाने की अपील की है।
