खानपुर सियासत में आग: वायरल वीडियो और 24 साल पुरानी मुंबई पार्टी ने बढ़ाई तल्खी, गोदियाल-भट्ट भी फंसे!
उत्तराखंड की राजनीति में तल्खियां नई नहीं हैं, लेकिन इस बार मामला निजी आरोपों के वायरल वीडियो और 24 साल पुरानी मुंबई पार्टी तक जा पहुंचा है। खानपुर (हरिद्वार) की सियासत से शुरू हुआ विवाद अब देहरादून से लेकर सोशल मीडिया की गलियों तक गूंज रहा है। खानपुर से पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और मौजूदा विधायक उमेश कुमार के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक दुश्मनी ने एक बार फिर उग्र रूप ले लिया है।
विवाद की शुरुआत: वायरल वीडियो
बीते दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन रुड़की के एक बैंक्वेट हॉल में शादी समारोह के दौरान नृत्य करती एक युवती (डांसर) पर नोट न्योछावर करते दिख रहे हैं। वीडियो में वे “राणा जी माफ करना” गाने पर मूंछों पर ताव देते नजर आए। इस वीडियो को लेकर मौजूदा विधायक उमेश कुमार और उनके समर्थकों ने तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति का अपमान बताया और कहा कि ऐसे काम पूर्व विधायक की छवि खराब करते हैं।
चैंपियन ने पलटवार करते हुए वीडियो को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि वीडियो को काट-छांटकर गलत तरीके से प्रसारित किया गया है और उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
पुरानी दुश्मनी का बैकग्राउंड
यह विवाद नया नहीं है। पिछले साल (2025) में दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच कथित गोलीबारी हुई थी। चैंपियन पर उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पर फायरिंग और मारपीट का आरोप लगा था। पुलिस ने चैंपियन को गिरफ्तार भी किया था। इससे पहले चैंपियन का “तमंचे पर डिस्को” वाला पुराना वीडियो भी वायरल हो चुका था, जिसमें वे हथियारों के साथ पार्टी करते दिखे थे। दोनों के बीच खानपुर सीट पर पुरानी रंजिश है – चैंपियन 4 बार विधायक रह चुके हैं (जिनमें खानपुर से 3 बार), जबकि उमेश कुमार निर्दलीय विधायक हैं।
24 साल पुरानी मुंबई पार्टी तक पहुंचा विवाद
वीडियो के बाद चैंपियन ने पलटवार में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2002 (या 24 साल पहले) मुंबई के एक डांस क्लब/पार्टी में गोदियाल उन्हें लेकर गए थे, जहां “बार बालाएं” (डांसर्स) नाच रही थीं। चैंपियन ने कांग्रेस को “अय्याशियों की पार्टी” कहा और पुराने आरोपों का जिक्र किया।
इस पर गोदियाल ने पलटवार किया – उन्होंने कहा कि उस पार्टी में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद थे! गोदियाल ने चैंपियन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह सब पुरानी बातें हैं और अब राजनीतिक बदले की भावना से उठाई जा रही हैं।
कैसे पिस गए गोदियाल और भट्ट?
चैंपियन के आरोपों से गोदियाल घिर गए, तो उन्होंने जवाब में भट्ट का नाम ले लिया।
अब दोनों बड़े नेता (कांग्रेस और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष) इस झगड़े में फंस गए हैं।
सियासी गलियारों में इसे “गेहूं में घुन” की तरह देखा जा रहा है – जहां दो विधायकों की छोटी लड़ाई अब प्रदेश स्तर पर पहुंच गई है।
यह विवाद उत्तराखंड की राजनीति में व्यक्तिगत हमलों, पुरानी रंजिशों और सोशल मीडिया की ताकत को दिखाता है। फिलहाल पुलिस या कोई आधिकारिक जांच नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर जुबानी जंग जारी है। क्या यह खानपुर सीट पर आने वाले चुनावों का पूर्वानुमान है? समय बताएगा।
