ओडिशा में माइनिंग अफसर के फ्लैट पर विजिलेंस की रेड: ट्रॉली बैग और अलमारी में छिपा 4 करोड़ से ज्यादा कैश, राज्य के इतिहास में सबसे बड़ी बरामदगी!
ओडिशा में माइनिंग अफसर के फ्लैट पर विजिलेंस की रेड: ट्रॉली बैग और अलमारी में छिपा 4 करोड़ से ज्यादा कैश, राज्य के इतिहास में सबसे बड़ी बरामदगी!
ओडिशा के भुवनेश्वर में विजिलेंस विभाग ने खनन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के घर पर छापेमारी की, जिसमें ट्रॉली बैग और अलमारियों में छिपाकर रखे गए 4 करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद हुए। यह ओडिशा विजिलेंस के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी कैश जब्ती है।
क्या हुआ पूरा मामला?
आरोपी अधिकारी देबब्रत मोहंती (Deputy Director of Mines, Cuttack Circle) को मंगलवार (24 फरवरी 2026) रात को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
रिश्वत एक लाइसेंसी कोयला डीलर से ली गई थी, जो कोयला डिपो के सुचारू संचालन और परिवहन परमिट जारी करने के बदले थी।
गिरफ्तारी के बाद बुधवार (25 फरवरी 2026) को उनके श्री विहार, पटिया स्थित फ्लैट (फ्लैट नंबर 302) और अन्य ठिकानों पर एक साथ रेड की गई।
जांचकर्ताओं ने ट्रॉली बैग खोलते ही नोटों का ढेर देखा – कैश अलमारियों में भी छिपाया गया था। गिनती जारी है, लेकिन 4 करोड़ से ज्यादा की पुष्टि हो चुकी है।
अतिरिक्त बरामदगी: कार्यालय के ड्रॉअर से 1.2 लाख रुपये, 130 ग्राम सोना, और करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज।
विजिलेंस का कहना:
यह रिश्वत के ट्रैप केस में अब तक की सबसे बड़ी नकदी बरामदगी है। अधिकारी ने कोयला ट्रांसपोर्टेशन और डिपो संचालन में लापरवाही बरतने के बदले रिश्वत ली थी। जांच आगे बढ़ रही है, और और संपत्ति या अवैध सामान मिलने की संभावना है।
यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ ओडिशा सरकार की सख्त कार्रवाई को दिखाती है, खासकर खनन क्षेत्र में जहां अवैध माइनिंग और रिश्वत के मामले आम हैं। अधिकारी अब कस्टडी में हैं, और केस Prevention of Corruption Act के तहत चल रहा है।
अगर आप ओडिशा या माइनिंग से जुड़े हैं, तो सतर्क रहें – विजिलेंस की नजर हर तरफ है!
