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‘गलती से हो गई हत्या, बहन शामिल नहीं’ – लखनऊ के ‘कातिल’ बेटे अक्षत का पुलिस के सामने कबूलनामा, लेकिन खौफनाक खुलासे जारी

‘गलती से हो गई हत्या, बहन शामिल नहीं’ – लखनऊ के ‘कातिल’ बेटे अक्षत का पुलिस के सामने कबूलनामा, लेकिन खौफनाक खुलासे जारी

लखनऊ के आशियाना इलाके में हुए दिल दहला देने वाले पितृ-हत्या मामले में आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21 वर्ष) ने पुलिस पूछताछ में सनसनीखेज बयान दिए हैं। अक्षत ने दावा किया कि पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या “गलती से” हो गई और उसकी बहन कृति (क्लास 12 की छात्रा) इसमें शामिल नहीं थी। हालांकि, पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स में कई विरोधाभासी तथ्य सामने आए हैं, जो मामले को और जटिल बना रहे हैं।

क्या कहा अक्षत ने कबूलनामे में?

अक्षत ने बताया कि 20 फरवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे पिता के साथ नीट परीक्षा के दबाव को लेकर तीखी बहस हुई। पिता उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन अक्षत पर दबाव इतना था कि गुस्से में उसने पिता की लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी।

उसने कहा, “गोली चल गई, गलती से हो गया… मैंने जानबूझकर नहीं मारा।”

बहन के बारे में अक्षत ने स्पष्ट किया कि वह शामिल नहीं थी और न ही उसने कोई मदद की। उसने दावा किया कि बहन को डराने-धमकाने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि वह घटना के समय मौजूद नहीं थी या कुछ नहीं देखा।

लेकिन पुलिस जांच में क्या सामने आया?

पुलिस के अनुसार, अक्षत ने हत्या के बाद शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाया, मशीन से टुकड़े-टुकड़े किए और कुछ हिस्से नीले ड्रम में छिपाए। बाकी अंग (हाथ-पैर) अलग-अलग जगह फेंके गए।

कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हत्या और टुकड़े करने की पूरी घटना बहन के सामने हुई। अक्षत ने बहन को धमकाया कि “किसी को बताया तो तुझे भी मार दूंगा”। बहन डर के मारे चुप रही और पुलिस को पहले कुछ नहीं बताया।

अक्षत ने खुद मिसिंग पर्सन रिपोर्ट दर्ज कराई थी, ताकि शक से बच सके, लेकिन पूछताछ में टूट गया और पूरा कबूल लिया।

पुलिस ने उसे हत्या, साक्ष्य मिटाने और अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया। शव का सिर अभी तक नहीं मिला, जो जांच का एक बड़ा सवाल है।

मामले की पृष्ठभूमि एक नजर में:

पीड़ित: मानवेंद्र सिंह (49), पैथोलॉजी लैब और शराब कारोबारी।

आरोपी: अक्षत प्रताप सिंह (21), B.Com छात्र, नीट की तैयारी में था।

बहन: कृति (क्लास 12), घर में मौजूद थी।

मोटिव: नीट/करियर का दबाव – पिता बेटे पर डॉक्टर बनने की जिद कर रहे थे।

घटना: 20 फरवरी सुबह, घर में गोली मारी, शव टुकड़े किए, ड्रम में छिपाया।

खुलासा: 24 फरवरी के आसपास पुलिस ने शव बरामद किया, अक्षत ने कबूल लिया।

यह मामला उत्तर प्रदेश में शैक्षिक दबाव और पारिवारिक तनाव की गंभीर समस्या को उजागर कर रहा है। पुलिस पूछताछ जारी है, और बहन की भूमिका पर भी गहराई से जांच हो रही है – क्या वह सच में निर्दोष है या डर के कारण चुप थी?

अगर आप लखनऊ या आसपास हैं, तो ऐसे मामलों में परिवारों को मानसिक स्वास्थ्य और संवाद पर ध्यान देने की जरूरत है। यह खबर दिल दहला देने वाली है, लेकिन सच सामने आना जरूरी है।

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