किम जोंग-उन बने रहेंगे उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता: सत्ताधारी दल के महासचिव पद पर फिर चुने गए
किम जोंग-उन बने रहेंगे उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता: सत्ताधारी दल के महासचिव पद पर फिर चुने गए
उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन को देश की सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया (WPK) के महासचिव (General Secretary) पद पर एक बार फिर निर्विरोध चुना गया है। यह फैसला पार्टी के 9वें कांग्रेस के चौथे दिन रविवार को लिया गया, जिसकी घोषणा राज्य मीडिया KCNA ने सोमवार को की।
कांग्रेस में क्या हुआ?
9वां पार्टी कांग्रेस 19 फरवरी से प्योंगयांग में चल रहा है, जो 2021 के बाद पहला बड़ा राजनीतिक आयोजन है।
हजारों डेलीगेट्स ने “सर्वसम्मति से और अटल इच्छा” के साथ किम जोंग-उन को महासचिव पद पर दोबारा चुना।
पार्टी के नियमों के मुताबिक, महासचिव पार्टी का सर्वोच्च पद है, जो देश की राजनीतिक, सैन्य और सरकारी व्यवस्था पर नियंत्रण रखता है।
कांग्रेस में किम की तारीफ में लंबे भाषण दिए गए, जिसमें उनके नेतृत्व में परमाणु हथियारों को मजबूत करने, क्षेत्रीय स्थिति को सुदृढ़ करने और आर्थिक निर्माण पर जोर दिया गया।
किम जोंग-उन की स्थिति मजबूत
किम जोंग-उन 2011 में अपने पिता किम जोंग-इल की मौत के बाद सत्ता में आए थे। 2012 से वे पार्टी के शीर्ष नेता हैं, हालांकि पद का नाम समय-समय पर बदला गया – पहले फर्स्ट सेक्रेटरी, फिर चेयरमैन और 2021 से महासचिव। यह चुनाव उन्हें अगले 5 सालों के लिए पार्टी का सर्वोच्च नेता बनाए रखता है।
राज्य मीडिया के अनुसार, किम ने कांग्रेस में अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और परमाणु बलों को और विकसित करने पर फोकस करने का वादा किया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद उत्तर कोरिया ने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को तेज किया है, जिसकी तारीफ पार्टी डेलीगेट्स ने की।
विश्लेषकों की राय
यह कांग्रेस उत्तर कोरिया की बंद राजनीतिक व्यवस्था में दुर्लभ घटना है, जहां हजारों सदस्य इकट्ठा होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किम की सत्ता और मजबूत होगी, खासकर रूस के साथ बढ़ते संबंधों और यूक्रेन युद्ध में सहयोग के संदर्भ में।
उत्तर कोरिया में ऐसे चुनाव औपचारिक होते हैं और विपक्ष की कोई गुंजाइश नहीं होती। किम परिवार तीन पीढ़ियों से सत्ता में है – दादा किम इल-सुंग, पिता किम जोंग-इल और अब किम जोंग-उन।
