PNB घोटाला: मेहुल चोकसी के बेटे रोहन पर ED की नजर, जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी; पत्नी प्रीति को भगोड़ा घोषित कराने का प्लान
PNB घोटाला: मेहुल चोकसी के बेटे रोहन पर ED की नजर, जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी; पत्नी प्रीति को भगोड़ा घोषित कराने का प्लान
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 13,000 करोड़ से ज्यादा के बड़े घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के परिवार पर शिकंजा कस दिया है। ED अब मेहुल चोकसी के बेटे रोहन चोकसी के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है, जबकि उनकी पत्नी प्रीति चोकसी को भगोड़ा (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, ED ने दिल्ली के अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर फॉरफिटेड प्रॉपर्टी (ATFP) में लिखित सबमिशन में दावा किया है कि रोहन चोकसी अपने पिता के साथ मनी लॉन्ड्रिंग में सक्रिय रूप से शामिल थे। हालांकि, रोहन चोकसी को अब तक किसी FIR या चार्जशीट में नामित नहीं किया गया है, लेकिन ED ने संपत्ति अटैचमेंट के आधार पर उनका रोल साबित करने की कोशिश की है। ED का कहना है कि मेहुल चोकसी ने 2013 में मुंबई का एक फ्लैट रोहन के नाम ट्रांसफर किया था, ताकि घोटाले की आय को छिपाया जा सके।
ED ने यह भी दोहराया है कि मेहुल चोकसी की पत्नी प्रीति चोकसी घोटाले की लाभार्थी हैं और 2017 से ही फरार हैं। पहले से ही दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उन्हें नामित किया गया था, और अब उन्हें औपचारिक रूप से भगोड़ा घोषित कराने की तैयारी है। इससे उनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई संभव हो जाएगी, जिसमें संपत्ति जब्ती शामिल है।
मुख्य तथ्य:
PNB घोटाला 2018 में सामने आया, जिसमें मेहुल चोकसी और उनके भतीजे नीरव मोदी पर 13,578 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
ED ने अब तक मेहुल चोकसी से जुड़ी संपत्तियां 2,500 करोड़ रुपये से ज्यादा जब्त की हैं, और हाल ही में 4 फ्लैट लिक्विडेटर को सौंपे गए हैं।
मेहुल चोकसी अप्रैल 2025 में बेल्जियम में गिरफ्तार हुए थे, और दिसंबर 2025 में बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट ने उनके प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील खारिज कर दी। भारत उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया तेज है।
जनवरी 2026 में ED ने पहली बार रोहन चोकसी के सक्रिय रोल का दावा किया, जो अब चार्जशीट की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह कार्रवाई PNB घोटाले की जांच में परिवार के अन्य सदस्यों को घेरने का संकेत है। ED का कहना है कि घोटाले की रकम को शेल कंपनियों और विदेशी फंड ट्रांसफर के जरिए लॉन्डर किया गया।
