राजनीति

कांग्रेस की मदद से बीजेपी के बागी नारायण चौधरी बने मेयर

भिवंडी (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। बीजेपी के बागी नेता नारायण चौधरी को कांग्रेस और कुछ निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से मेयर चुना गया है। मेयर चुनाव में चौधरी ने बीजेपी के आधिकारिक उम्मीदवार को हराकर जीत हासिल की।

क्या हुआ था पूरा खेल?

भिवंडी महापालिका में कुल 90 वार्ड हैं। हाल ही में हुए चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन बहुमत (46 सीटें) से थोड़ा कम थी।

बीजेपी ने अपना उम्मीदवार उतारा था, लेकिन पार्टी के ही बागी नेता नारायण चौधरी ने बगावत कर दी।

कांग्रेस (जिसके पास 18-20 सीटें हैं) ने चौधरी को समर्थन देने का फैसला किया।

कुछ निर्दलीय और छोटे दलों के पार्षद भी चौधरी के साथ आ गए।

नतीजा: नारायण चौधरी को 48 वोट मिले, जबकि बीजेपी के उम्मीदवार को 42 वोट मिले।

बीजेपी में हड़कंप

बीजेपी नेतृत्व इस घटना से बेहद नाराज है। पार्टी ने नारायण चौधरी और उनके समर्थकों पर एक्शन की बात कही है। महाराष्ट्र बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “ये विश्वासघात है। पार्टी के खिलाफ जाना माफ नहीं किया जाएगा।” वहीं, कांग्रेस ने इसे “लोकतंत्र की जीत” बताया और कहा कि “भिवंडी की जनता ने बीजेपी की मनमानी को ठुकरा दिया।”

नारायण चौधरी कौन हैं?

नारायण चौधरी भिवंडी के स्थानीय प्रभावशाली नेता हैं।

वे पहले बीजेपी के साथ थे, लेकिन टिकट न मिलने पर बगावत की।

चुनाव में उन्होंने “स्थानीय मुद्दों” को लेकर बीजेपी से अलग रास्ता अपनाया।

अब क्या होगा?

मेयर बनने के बाद चौधरी ने कहा, “मैं भिवंडी के विकास के लिए काम करूंगा। पार्टी से ज्यादा शहर की जनता महत्वपूर्ण है।”

बीजेपी अब महापालिका में विपक्ष की भूमिका में है।

महाराष्ट्र में ये घटना शिवसेना-एनसीपी जैसी बगावतों के बाद बीजेपी के लिए नया झटका है।

भिवंडी में राजनीतिक खेला जारी है—क्या चौधरी स्थिर रह पाएंगे या बीजेपी वापसी करेगी? आप क्या सोचते हैं? कमेंट में बताएं!

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