Tuesday, September 8, 2026
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नेपाल में फिर भड़क सकता है Gen-Z विद्रोह: अंतरिम पीएम सुशीला कार्की की चेतावनी

नेपाल में राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने गुरुवार को गंभीर चेतावनी जारी की है कि यदि युवाओं की बढ़ती नाराजगी और असंतोष को समय रहते संबोधित नहीं किया गया, तो देश में “विद्रोह का दूसरा दौर” (Rebellion Part-2) शुरू हो सकता है।

यह बयान उन्होंने 76वें राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर काठमांडू में दिए गए संबोधन में दिया। सुशीला कार्की ने कहा, “युवाओं में ऊर्जा, बदलाव की आकांक्षा और नैतिक क्रोध है। कोई भी राष्ट्र युवाओं को कमजोर करके आगे नहीं बढ़ सकता। यदि भविष्य के नेता युवाओं को तिरस्कृत और अपमानित करते रहे, तो एक और विद्रोह अपरिहार्य होगा।”

पृष्ठभूमि और संदर्भ

नेपाल में सितंबर 2025 में Gen-Z युवाओं के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया प्रतिबंध जैसे मुद्दों पर गुस्सा फूटा था।

उस आंदोलन (जिसे कई जगह “Gen-Z विद्रोह” कहा जाता है) के दबाव में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था, और युवाओं की मांग पर ही पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को सितंबर 2025 में अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था।

उन्होंने संसद भंग कर मार्च 2026 में आम चुनाव कराने का ऐलान किया था। अब चुनाव में महज 15 दिन बचे हैं, लेकिन युवाओं में असंतोष फिर बढ़ रहा है—कई रिपोर्ट्स में आरोप हैं कि अंतरिम सरकार ने आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा, घायलों का इलाज और भ्रष्ट नेताओं पर सख्त कार्रवाई जैसे वादे पूरे नहीं किए।

कार्की ने अपने संबोधन में 2025 के Gen-Z आंदोलन को “लोगों की शिकायतों को अनसुना करने वाली व्यवस्था पर सवाल” बताया और चेतावनी दी कि यदि ऐसी विकृतियां जारी रहीं (जैसे छात्रवृत्ति-नौकरी में हेराफेरी), तो विद्रोह फिर भड़क सकता है।

वर्तमान स्थिति

चुनावी माहौल में यह चेतावनी काफी अहम मानी जा रही है। अंतरिम सरकार पर दबाव है कि वह युवाओं के मुद्दों को प्राथमिकता दे, वरना हालात फिर बिगड़ सकते हैं। सुशीला कार्की ने जोर दिया कि लोकतंत्र सिर्फ प्रक्रिया नहीं, बल्कि परिणाम-उन्मुख व्यवस्था है—और इसमें युवाओं की भूमिका केंद्रीय है।

नेपाल के पड़ोसी देश के रूप में भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय नजर बनाए हुए है, क्योंकि अस्थिरता का असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

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