‘सोनिया गांधी मुझे असम का CM बनाने वाली थीं, लेकिन राहुल गांधी ने रोका…’, हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा दावा
‘सोनिया गांधी मुझे असम का CM बनाने वाली थीं, लेकिन राहुल गांधी ने रोका…’, हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा दावा
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि 2014 में जब कांग्रेस के 58 विधायकों ने उनका समर्थन किया था, तब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की तारीख तय करने को कहा था। लेकिन राहुल गांधी के हस्तक्षेप (फोन कॉल्स) के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई और उन्हें CM नहीं बनाया गया।
हिमंता ने मंगलवार (17 फरवरी 2026) को गुवाहाटी में विधानसभा कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में यह खुलासा किया। उन्होंने कहा:
“मैडम (सोनिया गांधी), जिन्हें मैं आज भी इसी नाम से बुलाता हूं, ने मुझे अपने घर बुलाया और शपथ ग्रहण की तारीख तय करने को कहा। मैंने उनसे कहा था कि मैं जून 2014 में कामाख्या मंदिर में अंबुबाची मेले के बाद शपथ लूंगा।”
लेकिन राहुल गांधी, जो उस समय अमेरिका में थे, ने पार्टी नेताओं को फोन करके स्थिति पलट दी।
हिमंता ने आगे कहा कि उस समय उन्हें बहुत दुख हुआ था, लेकिन अब वे मानते हैं कि “जो होता है अच्छे के लिए होता है”। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे राहुल गांधी को धन्यवाद देते हैं, क्योंकि कांग्रेस में रहते तो उन्हें जो मिलता, उससे कहीं ज्यादा भगवान ने बीजेपी में दिया है। अब वे असम और सनातन धर्म की सेवा पूरी दिल से कर पा रहे हैं, जो कांग्रेस में संभव नहीं होता।
पृष्ठभूमि क्या थी?
2014 में असम में कांग्रेस सत्ता में थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के खिलाफ असंतोष था।
हिमंता ने पार्टी में “जनरेशनल चेंज” की मांग की और दावा किया कि बहुमत विधायकों का समर्थन उनके पास है।
हाईकमान ने गोगोई को ही बनाए रखा, जिसके बाद हिमंता ने जुलाई 2014 में कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया।
2015 में वे कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए और 2021 में असम के मुख्यमंत्री बने।
यह दावा हिमंता ने पहले भी कई बार किए हैं, लेकिन अब असम कांग्रेस में भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद फिर से चर्चा में आया है। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
