राजनीति

राहुल गांधी को कर्नाटक HC से बड़ी राहत: ‘करप्शन रेट कार्ड’ मामले में मानहानि का केस खारिज – BJP की शिकायत रद्द

राहुल गांधी को कर्नाटक HC से बड़ी राहत: ‘करप्शन रेट कार्ड’ मामले में मानहानि का केस खारिज – BJP की शिकायत रद्द

कर्नाटक हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत दी है। 17 फरवरी 2026 को जस्टिस एस सुनील दत्त यादव की बेंच ने राज्य BJP द्वारा दायर आपराधिक मानहानि केस को पूरी तरह खारिज (quashed) कर दिया। यह मामला 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जुड़ा है, जहां कांग्रेस ने ‘करप्शन रेट कार्ड’ (Corruption Rate Card) नाम से विज्ञापन जारी किए थे, जिनमें तत्कालीन BJP सरकार को “40% सरकार” बताते हुए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था।

मामले की पूरी कहानी

विज्ञापन कब और क्या था?

5 मई 2023 को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमिटी (KPCC) ने मुख्य अखबारों में फुल-पेज ऐड दिए। इसमें दावा किया गया कि BJP सरकार (2019-2023) ने लोगों से ₹1.5 लाख करोड़ लूटे, सरकारी नौकरियों/ट्रांसफर/प्रोजेक्ट्स के लिए 40% कमीशन लिया। ‘रेट कार्ड’ में PSI भर्ती, BDA, BBMP आदि में कथित रिश्वत की दरें दिखाई गईं।

राहुल गांधी को आरोपी नंबर 4 बनाया गया था (अन्य आरोपी: CM सिद्धरामैया, डिप्टी CM डीके शिवकुमार, KPCC)। BJP ने इसे “झूठा, बेबुनियाद और लापरवाह” आरोप बताया।

BJP ने कब केस किया?

चुनाव के बाद BJP ने बेंगलुरु की 42nd Additional Chief Metropolitan Magistrate Court में केस दायर किया। ट्रायल कोर्ट ने संज्ञान लिया और समन जारी किए।

हाई कोर्ट में क्या हुआ?

राहुल गांधी ने 2025 में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर केस खारिज करने की मांग की। उनका तर्क:

कोई सबूत नहीं कि विज्ञापन राहुल गांधी ने जारी किया या उनके सोशल मीडिया से जुड़ा।

ये राजनीतिक आलोचना है – सरकार की प्रशासनिक आलोचना को मानहानि नहीं माना जा सकता।

केस कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

जनवरी 2025 में कोर्ट ने अंतरिम स्टे दिया, ट्रायल रोका। फिर दिसंबर 2025 में स्टे बढ़ाया। आज (17 फरवरी 2026) फाइनल ऑर्डर में कोर्ट ने केस पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा: “प्रक्रिया जारी रखना कानून का दुरुपयोग होगा।”

इस फैसले का मतलब क्या?

राहुल गांधी पर कोई ट्रायल नहीं चलेगा – यह BJP के लिए झटका है।

कांग्रेस इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” रोकने वाली जीत बता रही है।

यह 2023 चुनाव के दौरान ‘40% कमीशन’ वाले नैरेटिव को फिर से हाइलाइट करता है, जो अब कांग्रेस की सरकार में भी चर्चा में रहता है।

राहुल गांधी की अन्य मानहानि केस (जैसे गुजरात वाला) अलग हैं – यह सिर्फ कर्नाटक वाला था।

बैरेली में रहते हैं तो UP में भी यह खबर पॉलिटिकल डिबेट में होगी – कांग्रेस कार्यकर्ता जश्न मना रहे होंगे!

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