आखिर भिवाड़ी में गारमेंट फैक्ट्री में कैसे हुआ धमाका? CCTV ने खोली पूरी पोल – अवैध पटाखा यूनिट में बारूद का खेल
आखिर भिवाड़ी में गारमेंट फैक्ट्री में कैसे हुआ धमाका? CCTV ने खोली पूरी पोल – अवैध पटाखा यूनिट में बारूद का खेल
राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी (खुशखेड़ा-करौली इंडस्ट्रियल एरिया) में 16 फरवरी 2026 (सोमवार) सुबह करीब 9:10 बजे एक भीषण धमाका और आग लगने से कम से कम 7-8 मजदूर जिंदा जलकर मर गए। कई अन्य घायल हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। अब CCTV फुटेज सामने आया है, जिसने हादसे का खौफनाक मंजर कैद कर लिया है – और साथ ही प्रशासन की लापरवाही और अवैध कारोबार की पोल खोल दी है।
CCTV में क्या दिखा?
वीडियो में फैक्ट्री के अंदर अचानक जोरदार धमाका होता दिख रहा है – धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा कि बाहर लगा कैमरा भी हिल गया।
धमाके के तुरंत बाद आग की लपटें तेजी से फैल गईं, पूरा परिसर धुआं और आग में घिर गया।
मजदूरों के बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं – शटर बंद था, जिससे वे फंस गए।
कुछ रिपोर्ट्स में 3 लगातार धमाके दिखे, जैसे बारूद में आग लग गई हो।
हादसे के बाद फैक्ट्री भट्टी की तरह तप रही थी – कई शव कंकाल बन गए, बचे हुए शरीर के हिस्से पॉलीथीन में इकट्ठा किए गए।
धमाका कैसे हुआ? मुख्य कारण
फैक्ट्री गारमेंट यूनिट (रेडीमेड गारमेंट्स/कार्डबोर्ड) के नाम से रजिस्टर्ड थी, लेकिन अंदर अवैध पटाखा/फायरक्रैकर मैन्युफैक्चरिंग चल रही थी।
बारूद, पटाखे, गनपाउडर और पैकिंग मटेरियल भरा पड़ा था – लाइसेंस नहीं था, NCR में पटाखा उत्पादन पर बैन है।
संभावित कारण: लापरवाही से आग लगना (शायद स्पार्क या शॉर्ट सर्किट से बारूद में आग लग गई)।
मजदूरों को शटर बंद करके काम करवाया जाता था – बाहर से लॉक, जिससे बचाव मुश्किल हो गया।
माइनर्स (नाबालिग) भी शामिल थे – जांच में यह भी सामने आया।
क्या हुआ बाद में?
दमकल और रेस्क्यू टीमों ने 1.5 घंटे बाद आग पर काबू पाया।
फैक्ट्री मालिक हेमंत शर्मा (या राजेंद्र कुमार) फरार – FIR दर्ज, FIR में मालिकों पर केस।
डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और पुलिस ने जांच शुरू की – पूरे इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्रीज की जांच हो रही है।
प्रशासन पर आरोप: मिलीभगत या निगरानी की कमी – खुशखेड़ा थाना से सिर्फ 1 किमी दूर फैक्ट्री चल रही थी।
यह हादसा एक बार फिर इंडस्ट्रियल सेफ्टी, अवैध फैक्ट्रीज और मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। बैरेली से भिवाड़ी ज्यादा दूर नहीं – UP-NCR बॉर्डर पर ऐसे इलाकों में सतर्कता जरूरी है। अगर आपके आसपास कोई फैक्ट्री है, तो सेफ्टी चेक जरूर करवाएं।
