उत्तराखंड 2027 चुनाव: सुगबुगाहट तेज, सियासी माहौल गरमाया!
देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 अभी एक साल दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अब से ही कमर कस ली है। पिछले कुछ हफ्तों में BJP और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी, सर्वे, कोर कमिटी मीटिंग्स और प्रदर्शनों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भाजपा ‘मिशन 2027’ के तहत संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुटी है, जबकि कांग्रेस युवा-महिला फोकस और ‘जिताऊ’ उम्मीदवारों पर जोर दे रही है।
मुख्य घटनाक्रम और सुगबुगाहट:
BJP की कोर कमिटी मीटिंग: 14 फरवरी 2026 को ऋषिकेश में JP नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने के संकेत मिले। संगठन-सरकार समन्वय, ग्रासरूट आउटरीच और ट्रेनिंग कैंपेन पर फोकस। पार्टी ने चार इंटरनल सर्वे किए – रिपोर्ट्स से सीट बढ़ाने की उम्मीद। विधायकों में हड़कंप – कई ‘रेड लिस्ट’ में, टिकट कटौती की अफवाहें तेज। कैबिनेट विस्तार की भी चर्चा, नवंबर तक बड़े बदलाव संभव।
कांग्रेस की तैयारी: गणेश गोदियाल को PCC अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने Kumaon-Garhwal संतुलन बनाने की कोशिश की। हरीश रावत, यशपाल आर्या जैसे वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी। ‘हाई-विनेबिलिटी’ उम्मीदवारों को प्राथमिकता – युवा, महिलाओं और मजबूत आधार वाले चेहरों पर फोकस। पार्टी सदस्यता अभियान तेज, हरीश रावत ने कई लोगों को जोड़ा।
विवाद और प्रदर्शन: मुस्लिम यूनिवर्सिटी मुद्दा फिर गरमाया – धौलास जमीन विवाद पर BJP कांग्रेस पर तुष्टीकरण का आरोप, कांग्रेस ने पलटवार किया। कांग्रेस ने राज भवन घेराव किया, पुलिस से झड़प। दलित समाज ने कांग्रेस मुख्यालय घेरा। AI डीपफेक और फेक न्यूज पर साइबर पुलिस अलर्ट।
BJP का दावा: राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार की उपलब्धियां ग्रासरूट तक पहुंचाई जाएंगी। 70 की 70 सीटें जीतने का लक्ष्य। कांग्रेस की ‘महापंचायत’ को फ्लॉप बताया।
चुनावी समय: फरवरी-मार्च 2027 में संभावित। BJP ने पहले ही रणनीति बनानी शुरू कर दी, कांग्रेस भी ‘फर्स्ट-मूवर’ एज लेने की कोशिश में।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2022 में BJP ने पहली बार सत्ता बरकरार रखी थी, अब तीसरी बार जीत का दावा कर रही है। कांग्रेस 2017 और 2022 की हार से सबक लेकर वापसी की तैयारी में है।
यह सुगबुगाहट 2027 के लिए बड़ा संकेत है – उत्तराखंड में सियासत अब ‘फुल ऑन’ मोड में है!
