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प्रधानमंत्री मोदी बोले- यह बजट ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ नहीं, बल्कि ‘हम तैयार हैं’ का ऐतिहासिक पल है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल के केंद्रीय बजट (2026-27) को भारत के विकसित राष्ट्र बनने की मजबूत आकांक्षा और तैयारी का प्रतीक करार दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए विशेष लिखित इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि यह बजट किसी मजबूरी या संकट के कारण लिया गया “अभी नहीं तो कभी नहीं” (Now or Never) वाला फैसला नहीं है, बल्कि यह लंबी तैयारी, आत्मविश्वास, प्रेरणा और राष्ट्रीय संकल्प से उपजा “हम तैयार हैं” (We Are Ready) वाला महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पल है।

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा, “यह बजट सिर्फ 2026 का नहीं, बल्कि 21वीं सदी के दूसरे चरण की शुरुआत का बजट है। यह भारत की विकसित राष्ट्र बनने की चाहत को दर्शाता है।” उन्होंने इसे विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में एक रणनीतिक ब्लूप्रिंट बताया, जो तात्कालिक लोकलुभावन उपायों के बजाय उत्पादक खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबी अवधि की मजबूती पर केंद्रित है।

मुख्य बिंदु पीएम मोदी के इंटरव्यू से:

बजट का दृष्टिकोण: कोई भी बजट उनके सरकार का सामान्य ‘बही-खाता’ नहीं रहा है। यह हमेशा से सुधार, आत्मनिर्भरता और वैश्विक एकीकरण की तैयारी का हिस्सा रहा है। इस बार का बजट ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को नई गति देने वाला है, जो युवाओं को बदलती दुनिया के अवसरों के लिए तैयार करता है।

कैपिटल एक्सपेंडिचर पर फोकस: बजट में कैपेक्स को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जो 2013 के स्तर से 5 गुना अधिक है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर (रेल, सड़क, डिजिटल, ऊर्जा), लॉजिस्टिक्स और सनराइज सेक्टर्स में निवेश से लंबे समय तक ग्रोथ, जॉब्स और प्रोडक्टिविटी बढ़ाएगा। शॉर्ट-टर्म पॉपुलिज्म से बचते हुए प्रोडक्टिव स्पेंडिंग को प्राथमिकता दी गई है।

ट्रेड और निवेश: राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत भरोसे ने निवेशकों का विश्वास बहाल किया है। मजबूत मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर और MSME की ताकत से भारत अब अपनी शर्तों पर बेहतर ट्रेड डील्स कर पा रहा है। वर्तमान में 38 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत चल रही है।

निजी क्षेत्र की भूमिका: विकसित भारत की अगली छलांग निजी क्षेत्र के साहसिक निवेश, R&D, इनोवेशन, सप्लाई चेन और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस पर निर्भर करेगी। MSME को सिर्फ सप्लायर नहीं, बल्कि ग्लोबल वैल्यू चेन का हिस्सा बनना चाहिए।

अन्य मुद्दे: रक्षा आधुनिकीकरण पर फोकस (बजट में रक्षा क्षेत्र को 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित), महिलाओं और युवाओं की भागीदारी, और संरचनात्मक सुधारों को जारी रखने की बात कही गई।

विपक्ष की प्रतिक्रिया:

कांग्रेस ने इंटरव्यू को “सावधानी से स्क्रिप्टेड और डेस्परेट PR एक्सरसाइज” करार दिया। पार्टी ने कहा कि बजट ‘डैम्प स्क्विब’ साबित हुआ है, मार्केट ने नेगेटिव रिएक्शन दिया और निवेशक प्रभावित नहीं हुए।

यह इंटरव्यू बजट पेश होने के करीब दो हफ्ते बाद आया है, जब संसद में विपक्ष ने बजट की आलोचना की थी। पीएम मोदी के बयानों से साफ है कि सरकार इसे आर्थिक सुधारों और विकसित भारत के रोडमैप का मजबूत आधार मान रही है।

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