उत्तराखंड

पिथौरागढ़ के घरुड़ी-मनकोट गांव: 13 साल बाद भी ट्राली पर लटककर जीवन-मरण का सफर!

पिथौरागढ़ के घरुड़ी-मनकोट गांव: 13 साल बाद भी ट्राली पर लटककर जीवन-मरण का सफर! पुल बहने के बाद अब तक नहीं बनी स्थायी सड़क, DM ने दिया 4-5 महीने में पूरा होने का वादा

उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के घरुड़ी और मनकोट गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां के करीब 300 ग्रामीण रोजाना केगोरी नदी को पार करने के लिए तार पर लटकती ट्राली (गरारी) का सहारा लेते हैं। पुल न होने की वजह से बच्चे, महिलाएं और बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर यह सफर करना पड़ता है। अब तक इस ट्राली से गिरकर तीन लोगों की मौत हो चुकी है, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

क्या हुआ था 2013 में?

2013 की भीषण केदारनाथ आपदा में गोरी नदी पर बना झूला पुल बह गया था। इसके बाद इन गांवों का बाकी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया। कई दिनों तक ग्रामीण घरों में फंसे रहे, राशन-दवा तक नहीं पहुंच पाई। राहत के तौर पर अस्थायी रूप से ट्राली लगाई गई, जो पिछले 12-13 साल से इन गांवों की एकमात्र जीवनरेखा बनी हुई है।

रोजमर्रा की चुनौतियां:

राशन, दवा, स्कूल, बाजार, सरकारी कार्यालय—हर जरूरत के लिए नदी पार करनी पड़ती है।

बरसात में नदी उफान पर होती है, तेज बहाव, फिसलन और हवा के बीच ट्राली से सफर और खतरनाक हो जाता है।

गांव के छात्र बताते हैं: “ट्राली से गिरकर मौत की खबरें सुनकर डर लगता है। बीच नदी में दिल की धड़कन तेज हो जाती है।”

परिवार वाले तब तक चिंतित रहते हैं, जब तक सदस्य सुरक्षित दूसरी तरफ नहीं पहुंच जाते।

DM का अपडेट:

पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि वर्ल्ड बैंक की सहायता से लगभग 60 मीटर स्पैन का पुल 6 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि आगामी 4-5 महीनों में पुल बनकर तैयार हो जाएगा।

ग्रामीणों की मांग:

ग्रामीणों का कहना है कि अब इंतजार की हद हो चुकी है। अगर समय रहते पुल नहीं बना, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि निर्माण में तेजी लाई जाए और वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था तुरंत की जाए।

यह खबर उत्तराखंड के दूर-दराज इलाकों में बुनियादी ढांचे की कमी को फिर उजागर करती है। क्या आपको लगता है कि सरकार को ऐसे क्षेत्रों में पुल निर्माण को प्राथमिकता देनी चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं और इस खबर को शेयर करें ताकि आवाज पहुंचे!

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