कपिल सिब्बल पर BJP का सनसनीखेज आरोप: एप्स्टीन से जुड़े अवॉर्ड का मामला, राहुल गांधी से मांगा जवाब!
कपिल सिब्बल पर BJP का सनसनीखेज आरोप: एप्स्टीन से जुड़े अवॉर्ड का मामला, राहुल गांधी से मांगा जवाब!
नई दिल्ली: राजनीतिक गलियारों में नया हंगामा! भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के पूर्व नेता कपिल सिब्बल पर गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि 2010 में अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान सिब्बल को मिला पुरस्कार यौन अपराधों के दोषी जेफ्री एप्स्टीन द्वारा वित्त पोषित था। पार्टी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जवाब मांगा है। वहीं, सिब्बल ने इन आरोपों को “बकवास” बताकर खारिज कर दिया, जबकि कांग्रेस ने भी इसे निराधार करार दिया।
BJP के आरोपों का विवरण:
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में लिखा, “2010 में, जेफ्री एप्स्टीन द्वारा कथित तौर पर वित्त पोषित एक पुरस्कार कांग्रेस के (तत्कालीन) वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल को मिला था। सिब्बल को लंबे समय से गांधी परिवार के करीबी के रूप में देखा जाता रहा है।” भंडारी ने कांग्रेस की विदेश इकाई के प्रमुख सैम पित्रोदा को भी “उसी गुट” से जुड़ा बताया। उन्होंने एक दस्तावेज शेयर किया, जिसमें न्यूयॉर्क में आयोजित 2010 के अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में सिब्बल का नाम पित्रोदा सहित अन्य प्रमुख हस्तियों की लिस्ट में शामिल था।
भंडारी ने आगे आरोप लगाया कि उस समय के कुछ महीनों बाद कांग्रेस नेतृत्व वाली UPA सरकार में कई नीतिगत बदलाव देखे गए। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या ये महज संयोग थे, या एप्स्टीन के बाहरी प्रभाव ने कांग्रेस सरकार के फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की? राहुल गांधी को इसका जवाब देना चाहिए।” भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा और कहा कि पार्टी को अपनी पुरानी साझेदारियों पर सफाई देनी चाहिए।
कांग्रेस और सिब्बल का जवाब:
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कपिल सिब्बल ने सत्ताधारी भाजपा के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “यह सब बकवास है।” कांग्रेस ने भी इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए सफाई दी। पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, “सिब्बल उस समय केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री थे। उन्हें ‘शिक्षा में वैश्विक सहयोग के प्रति उनके दृढ़ समर्थन’ के लिए समारोह में पुरस्कार दिया गया था। सिब्बल एप्स्टीन के मेहमान नहीं थे, और इसका जेफ्री एप्स्टीन से कोई संबंध नहीं है।”
कांग्रेस ने उल्टा भाजपा पर पलटवार किया। पार्टी अमेरिका में जारी ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम आने के बाद से उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। खेड़ा ने कहा कि भाजपा को पहले अपने घर की सफाई करनी चाहिए।
पृष्ठभूमि में क्या?
कपिल सिब्बल ने 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी और अब समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य हैं। जेफ्री एप्स्टीन एक अमेरिकी फाइनेंशियर थे, जिन्हें यौन अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था। उनकी मौत 2019 में हुई, लेकिन हाल ही में जारी दस्तावेजों से कई हाई-प्रोफाइल कनेक्शन्स सामने आए हैं, जिससे राजनीतिक बहस गरमा गई है।
यह विवाद 15 फरवरी 2026 को और तेज हुआ, जब भाजपा ने इसे लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को घेरने का हथियार बनाया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
क्या आपको लगता है कि यह आरोप राजनीतिक साजिश है या इसमें कोई सच्चाई है? कमेंट में बताएं!
