जेफरी एप्सटीन की जेल में हत्या हुई? पोस्टमार्टम के समय मौजूद डॉक्टर के दावे हिला देंगे, फिर से जांच की मांग
जेफरी एप्सटीन की जेल में हत्या हुई? पोस्टमार्टम के समय मौजूद डॉक्टर के दावे हिला देंगे, फिर से जांच की मांग
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 14 फरवरी 2026: अमेरिकी वित्तीय व्यवसायी और यौन तस्करी के आरोपी जेफरी एप्सटीन की 2019 में जेल में हुई मौत को लेकर नई बहस छिड़ गई है। एप्सटीन के पोस्टमार्टम (शव परीक्षण) के दौरान परिवार की ओर से मौजूद फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट डॉ. माइकल बैडेन ने बड़ा दावा किया है कि उनकी मौत फांसी से नहीं, बल्कि गला घोंटकर (हomicidal strangulation) हुई थी। डॉ. बैडेन ने हाल ही में द टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में कहा कि गर्दन में तीन फ्रैक्चर (हाइओइड बोन और थायरॉइड कार्टिलेज में) आत्महत्या से जुड़ी फांसी में बेहद दुर्लभ हैं, जबकि हत्या में गला दबाने से ज्यादा आम हैं।
डॉ. बैडेन ने कहा, “मेरी राय में मौत सबसे ज्यादा गला घोंटने के दबाव से हुई लगती है, न कि फांसी से। उपलब्ध जानकारी के आधार पर मौत के कारण और तरीके की फिर से जांच जरूरी है।” उन्होंने 2019 में भी यही बात कही थी, जब न्यूयॉर्क मेडिकल एक्जामिनर ने मौत को सुसाइड बाय हैंगिंग करार दिया था। बैडेन ने तब कहा था कि उन्होंने हजारों जेल सुसाइड केस देखे, लेकिन इतने फ्रैक्चर किसी सुसाइड हैंगिंग में नहीं मिले।
मामले की पृष्ठभूमि: एप्सटीन को 10 अगस्त 2019 को मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर (MCC) की कोठरी में फंदे पर लटका पाया गया था। वे सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोप में ट्रायल का इंतजार कर रहे थे। ऑफिशियल रिपोर्ट में मौत को सुसाइड बताया गया, लेकिन जेल में सिक्योरिटी लापरवाही (गार्ड्स की नींद, कैमरा फेलियर, सेलमेट हटाना) और एप्सटीन के पावरफुल कनेक्शंस (ट्रंप, क्लिंटन, प्रिंस एंड्रयू आदि) के कारण कांस्पिरेसी थ्योरीज़ फैलीं।
हाल के दिनों में जस्टिस डिपार्टमेंट ने एप्सटीन फाइल्स जारी कीं, जिनमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोटोज और अन्य डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं। इनसे बैडेन के दावे को नई ताकत मिली है। बैडेन ने कहा कि मौत का फैसला कभी पूरी तरह तय नहीं हुआ था और ज्यादा जानकारी की जरूरत थी। न्यूयॉर्क मेडिकल एक्जामिनर डॉ. बारबरा सैंपसन ने 2019 में बैडेन के दावों को खारिज किया था, लेकिन बैडेन अब भी अपनी बात पर अड़े हैं।
यह दावा एप्सटीन की मौत को लेकर चल रही बहस को फिर से गरमा रहा है। कई लोग मानते हैं कि उनके पास कई बड़े नामों के राज थे, इसलिए उन्हें ‘साइलेंस’ किया गया। हालांकि, FBI और जस्टिस डिपार्टमेंट ने सुसाइड की पुष्टि की है। बैडेन की मांग पर अब तक कोई नई जांच शुरू नहीं हुई है, लेकिन यह मुद्दा सोशल मीडिया और मीडिया में छाया हुआ है।
