आधे-अधूरे एक्सप्रेसवे पर अब नहीं देना पड़ेगा पूरा टोल! सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
आधे-अधूरे एक्सप्रेसवे पर अब नहीं देना पड़ेगा पूरा टोल! सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
नई दिल्ली, 12 फरवरी 2026: केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टोल नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिससे अधूरे या आंशिक रूप से चालू एक्सप्रेसवे के उपयोगकर्ताओं को सीधा फायदा होगा। अब पूरी तरह से पूरा न हुए एक्सप्रेसवे के खुले हिस्सों पर यात्रियों को भारी-भरकम एक्सप्रेसवे टोल नहीं चुकाना पड़ेगा। नया नियम 15 फरवरी 2026 से लागू हो जाएगा।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) तथा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार, आंशिक रूप से चालू नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल दरों में कटौती की गई है। पहले ऐसे सेक्शन पर एक्सप्रेसवे की उच्च दरें लागू होती थीं, लेकिन अब खुले हिस्सों पर सामान्य नेशनल हाईवे की टोल दर ही ली जाएगी। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 25% अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा, जिससे यात्रियों को काफी बचत होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बदलाव उन एक्सप्रेसवे पर लागू होगा जो निर्माणाधीन हैं या आंशिक रूप से खोले गए हैं, जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स में जहां कुछ सेक्शन तैयार हो चुके हैं लेकिन पूरा रूट नहीं। सरकार का उद्देश्य यात्रियों को अनुचित उच्च टोल से राहत देना और निर्माण के दौरान भी बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। यह व्यवस्था एक साल तक या प्रोजेक्ट पूरा होने तक प्रभावी रहेगी।
उदाहरण के तौर पर:
अगर कोई एक्सप्रेसवे आधा-अधूरा है और उसका एक हिस्सा खुला है, तो उस पर अब एक्सप्रेसवे टोल की बजाय सामान्य हाईवे टोल ही कटेगा।
इससे लाखों यात्रियों, खासकर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में जहां बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट चल रहे हैं, को फायदा होगा।
राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की शिकायतों को ध्यान में रखकर लिया गया है, जहां अधूरे रूट पर भी पूरा एक्सप्रेसवे टोल वसूला जा रहा था। NHAI ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव नेशनल हाईवे फीस नियमों में संशोधन के तहत आता है और FASTag से जुड़े पेमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि 15 फरवरी से पहले अपनी यात्रा की योजना बनाएं, क्योंकि नया नियम लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर अपडेटेड दरें दिखाई देंगी। सरकार ने कहा है कि यह कदम इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को तेज करने के साथ-साथ आम आदमी को राहत देने की दिशा में है।
