अजित पवार की मौत पर बड़ा खुलासा: रोहित पवार ने प्रेजेंटेशन में लगाए साजिश के गंभीर आरोप, जांच की मांग की
अजित पवार की मौत पर बड़ा खुलासा: रोहित पवार ने प्रेजेंटेशन में लगाए साजिश के गंभीर आरोप, जांच की मांग की
महाराष्ट्र की सियासत में तहलका मचा हुआ है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने मंगलवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 54 स्लाइड्स वाली विस्तृत प्रेजेंटेशन दिखाकर दावा किया कि 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट के पास हुए Learjet 45 विमान क्रैश में अजित पवार की मौत हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश थी। यह पवार परिवार में पहला ऐसा मामला है जहां किसी सदस्य ने खुले तौर पर साजिश का आरोप लगाया है।
शरद पवार ने शुरुआत में इसे साफ-साफ हादसा बताया था, लेकिन रोहित पवार ने कई सवालों के साथ इसे “100% साजिश” करार दिया। उन्होंने कहा, “अजित दादा किसी हादसे में नहीं मर सकते थे। यह एक प्लान्ड एक्सीडेंट लगता है।”
रोहित पवार के मुख्य आरोप और प्रेजेंटेशन के प्रमुख पॉइंट्स:
पायलट का आखिरी मिनट में बदलाव: मुख्य पायलट (सुमित कपूर) की भूमिका संदिग्ध। उनका ट्रैक रिकॉर्ड, ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट और चुप्पी पर सवाल।
ट्रैवल प्लान में अचानक बदलाव: अजित पवार रोड से जाने वाले थे, लेकिन आखिरी वक्त में एयर ट्रैवल चुना। यह संदिग्ध क्यों?
ट्रांसपॉन्डर और कम्युनिकेशन में गड़बड़ी: लैंडिंग से ठीक 1 मिनट पहले ट्रांसपॉन्डर बंद। मुख्य पायलट की आवाज रिकॉर्ड क्यों नहीं?
एयरक्राफ्ट कंपनी का इतिहास: VSR एयरलाइंस और बुकिंग एजेंसी Arrow पर सवाल। प्लेन की फिटनेस और पिछले रिकॉर्ड।
अन्य संदिग्ध बातें: प्लेन में ग्लास बॉटल मिलना, अजित पवार का प्लास्टिक बॉटल से पानी पीना छोड़ना (कुछ महीने पहले), रनवे की खराब स्थिति के बावजूद लैंडिंग की कोशिश।
साजिश का आधार: रोहित ने इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद पर आधारित किताब का हवाला दिया—”कभी-कभी सबसे प्रभावी तरीका ड्राइवर (पायलट) को खत्म करना होता है।”
रोहित पवार ने मांग की कि जांच महाराष्ट्र CID के बजाय केंद्रीय एजेंसी के साथ विदेशी एविएशन एजेंसियों (जैसे UK की AAIB, France की BEA या US की NTSB) से कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के लोग सवाल पूछ रहे हैं—यह हादसा था या साजिश?”
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
शरद पवार गुट ने इसे परिवार का निजी दर्द बताया, लेकिन साजिश के आरोप से दूरी बनाई।
कुछ विपक्षी नेता (जैसे संजय राउत) ने भी संदेह जताया था, लेकिन रोहित का प्रेजेंटेशन सबसे विस्तृत और परिवार से जुड़ा है।
सरकार ने अभी कोई नया बयान नहीं दिया, लेकिन जांच जारी है।
यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ रही है। क्या जांच में नया मोड़ आएगा? या यह सिर्फ आरोप रहेंगे? अपडेट्स के लिए बने रहें!
