उत्तराखंड

उत्तराखंड चुनाव 2027: कांग्रेस की कुमाऊं में रणनीति बैठक, यशपाल आर्या का बड़ा दावा- जल्द जुड़ेंगे प्रमुख नेता

उत्तराखंड चुनाव 2027: कांग्रेस की कुमाऊं में रणनीति बैठक, यशपाल आर्या का बड़ा दावा- जल्द जुड़ेंगे प्रमुख नेता, 16 फरवरी को राजभवन घेराव की तैयारी

हल्द्वानी: उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। कांग्रेस पार्टी ने चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए कुमाऊं क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में हल्द्वानी स्थित पार्टी के स्वराज आश्रम कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने आगामी चुनाव की रणनीति पर चर्चा की और दावा किया कि जल्द ही कई बड़े नेता कांग्रेस में शामिल होंगे।

बैठक में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य फोकस आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर था, जिसमें 16 फरवरी को प्रस्तावित राजभवन (लोक भवन) घेराव की तैयारियों की समीक्षा की गई। यशपाल आर्या ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में देहरादून पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं।

यशपाल आर्या ने कहा, “मौजूदा सरकार की नीतियों से आम जनता त्रस्त है। कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। 12 फरवरी को हल्द्वानी में कांग्रेस पार्टी की एक और महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस बैठक में आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर ठोस रणनीति बनाई जाएगी।”

बैठक के दौरान आर्या ने एक बड़ा संकेत दिया कि कांग्रेस के संपर्क में कुछ प्रमुख नेता हैं और उनसे लगातार बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, “जल्द ही कई बड़े नेता कांग्रेस पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही लेगा और औपचारिक घोषणा भी वहीं से की जाएगी।” यह दावा ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत रावत ने भी बैठक में चुनावी तैयारियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “पार्टी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से पूरी मजबूती के साथ तैयारी कर रही है। इस बार कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेंगे। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है और जनता के मुद्दों को लेकर कांग्रेस एकजुट संघर्ष करेगी। जिताऊ और टिकाऊ प्रत्याशी को केंद्रीय नेतृत्व मैदान में उतरेगा।”

यह बैठक उत्तराखंड कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी पिछले चुनावों में हार के बाद संगठन को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। विपक्षी भूमिका में कांग्रेस सरकार की नीतियों पर लगातार हमलावर है, और आगामी घेराव जैसे कार्यक्रमों से जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की योजना बना रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बड़े नेताओं के शामिल होने से कांग्रेस की स्थिति मजबूत हो सकती है, लेकिन भाजपा भी अपनी तैयारियां तेज कर रही है। आने वाले महीनों में राज्य की सियासत और गर्माने की उम्मीद है।

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