तेज प्रताप यादव ने पहली बार गिनाए 5 ‘जयचंद’ के नाम: अनुष्का यादव वाले रिश्ते को बताया ‘राजनीतिक साजिश’
तेज प्रताप यादव ने पहली बार गिनाए 5 ‘जयचंद’ के नाम: अनुष्का यादव वाले रिश्ते को बताया ‘राजनीतिक साजिश’, कहा- ‘ये लोग मेरे परिवार को तोड़ना चाहते हैं’
बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया है। अनुष्का यादव से कथित संबंधों की खबरों पर सफाई देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने 5 लोगों को ‘जयचंद’ करार दिया और कहा कि ये लोग उनकी और लालू यादव परिवार की छवि खराब करने की साजिश रच रहे हैं।
तेज प्रताप ने लिखा, “मेरे खिलाफ अनुष्का यादव वाली फर्जी खबर फैलाने वाले 5 जयचंद हैं। ये लोग मेरे परिवार को तोड़ने और RJD को कमजोर करने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं।” हालांकि उन्होंने इन 5 नामों को स्पष्ट रूप से नहीं लिखा, लेकिन संकेतों से राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ये नाम RJD के कुछ असंतुष्ट नेता, BJP के कुछ कार्यकर्ता और मीडिया के कुछ चैनलों/एंकरों से जुड़े हो सकते हैं। तेज प्रताप ने कहा, “ये जयचंद पहले भी मेरे खिलाफ खड़े हुए थे, लेकिन अब अनुष्का वाली कहानी गढ़कर मेरी निजी जिंदगी में घुसने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने दोहराया कि अनुष्का यादव से उनका कोई व्यक्तिगत या भावनात्मक संबंध नहीं है। “न कोई फोटो असली है, न कोई मैसेज। सब फेक हैं। ये साजिश है ताकि चुनाव से पहले यादव परिवार की एकता पर सवाल उठे।” तेज प्रताप ने चेतावनी दी कि वे कानूनी कार्रवाई करेंगे और फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं और RJD में आंतरिक कलह की खबरें चल रही हैं। तेज प्रताप ने पोस्ट में लिखा, “मैं लालू जी का बेटा हूं। परिवार और पार्टी दोनों के लिए लड़ूंगा। जयचंदों की साजिश कभी कामयाब नहीं होगी।”
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के बाद कुछ लोग उनकी सफाई पर यकीन जता रहे हैं, तो कुछ कह रहे हैं कि “नाम क्यों नहीं लिए?” RJD की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी इसे व्यक्तिगत मुद्दा मानकर दूर रहना चाहती है।
तेज प्रताप की यह पहली बार है जब उन्होंने ‘जयचंद’ शब्द का इस्तेमाल कर इतने स्पष्ट रूप से लोगों पर हमला बोला। यह देखना बाकी है कि क्या ये 5 नाम सामने आते हैं या मामला यहीं थम जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान RJD के अंदर और बाहर दोनों जगह तनाव बढ़ा सकता है।
