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World Cancer Day: भारत में चुपके से फैल रहे हैं ये 5 तरह के कैंसर… शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें!

World Cancer Day: भारत में चुपके से फैल रहे हैं ये 5 तरह के कैंसर… शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें!

विश्व कैंसर दिवस पर एक चिंताजनक खुलासा: भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ICMR और GLOBOCAN 2022 के आंकड़ों के अनुसार, 2025 तक लगभग 15.7 लाख नए मामले दर्ज होने का अनुमान है, और 2040 तक यह संख्या 20 लाख पार कर सकती है। कई कैंसर ‘साइलेंट’ या ‘चुपके से फैलने वाले’ होते हैं—शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, लेकिन देर से पता चलने पर इलाज मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि 40% से ज्यादा मामलों में जीवनशैली बदलाव और समय पर जांच से बचाव संभव है।

यहां भारत में तेजी से बढ़ रहे और अक्सर चुपके से फैलने वाले 5 प्रमुख कैंसर और उनके शुरुआती लक्षण दिए गए हैं:

ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर)

महिलाओं में सबसे आम (26-27% नए मामले)। अब युवा महिलाओं (30-40 साल) में भी बढ़ रहा है।

शुरुआती लक्षण: स्तन या बगल में गांठ या मोटाई (दर्द रहित), निप्पल से डिस्चार्ज, स्तन की त्वचा में खिंचाव/नारंगी जैसी बनावट, एक स्तन का आकार दूसरे से अलग होना।

क्यों चुपके से फैलता है? शुरुआत में कोई दर्द नहीं, इसलिए महिलाएं अनदेखा कर देती हैं। नियमित मेमोग्राफी से जल्दी पकड़ा जा सकता है।

ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर)

पुरुषों में सबसे ज्यादा (15%+ मामले), दुनिया में भारत सबसे प्रभावित देश। तंबाकू, गुटखा, सुपारी मुख्य कारण।

शुरुआती लक्षण: मुंह में सफेद/लाल पैच (लेकोप्लाकिया/एरिथ्रोप्लाकिया), ठीक न होने वाला छाला या घाव, निगलने/बोलने में दिक्कत, मुंह खोलने में तकलीफ।

चेतावनी: तंबाकू छोड़ें, नियमित ओरल चेकअप करवाएं।

सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर)

महिलाओं में दूसरा सबसे आम (17%+ मामले), HPV इंफेक्शन मुख्य वजह।

शुरुआती लक्षण: असामान्य योनि रक्तस्राव (सेक्स के बाद या मासिक के बीच), बदबूदार डिस्चार्ज, पेल्विक दर्द, सेक्स के दौरान दर्द।

बचाव: HPV वैक्सीन, नियमित पैप स्मियर से 90%+ रोका जा सकता है।

लंग कैंसर (फेफड़े का कैंसर)

धूम्रपान, प्रदूषण और सेकंड-हैंड स्मोक से बढ़ रहा है।

शुरुआती लक्षण: 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी, बलगम में खून, सीने में दर्द, सांस फूलना, बिना वजह वजन घटना।

चुपके से फैलता है: शुरुआत में कोई लक्षण नहीं, इसलिए अक्सर एडवांस स्टेज में पता चलता है।

कोलोरेक्टल कैंसर (आंत/बड़ी आंत का कैंसर)

शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है—प्रोसेस्ड फूड, कम फाइबर डाइट, मोटापा कारण।

शुरुआती लक्षण: मल में खून, बार-बार कब्ज/दस्त, पेट में दर्द, बिना वजह थकान, वजन घटना।

बचाव: फाइबर युक्त आहार, नियमित कोलोनोस्कोपी (50+ उम्र में)।

डॉक्टरों का मानना है कि इनमें से कई कैंसर शुरुआती स्टेज में पकड़ लिए जाएं तो इलाज की सफलता दर 90% तक पहुंच सकती है। तंबाकू छोड़ें, स्वस्थ आहार लें, व्यायाम करें, प्रदूषण से बचें और 40+ उम्र में नियमित स्क्रीनिंग करवाएं। अगर कोई लक्षण 2 हफ्ते से ज्यादा रहे तो तुरंत ऑन्कोलॉजिस्ट से जांच करवाएं—जान बच सकती है!

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