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चंद्र दर्शन 2026: फरवरी में कब होगा चंद्र दर्शन? जानिए सही तारीख, पूजा विधि और चंद्रोदय का शुभ समय

चंद्र दर्शन 2026: फरवरी में कब होगा चंद्र दर्शन? जानिए सही तारीख, पूजा विधि और चंद्रोदय का शुभ समय

हिंदू धर्म में अमावस्या (नई चांदनी या नो मून डे) के बाद पहली बार चंद्रमा के दर्शन को चंद्र दर्शन कहा जाता है। यह दिन बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि चंद्र देव की कृपा से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और नई शुरुआत मिलती है। कई भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करते हैं। फरवरी 2026 में चंद्र दर्शन 18 फरवरी 2026 (बुधवार) को होगा। यह फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि पर पड़ रहा है।

चंद्र दर्शन की सही तारीख और समय (नई दिल्ली के अनुसार):

तारीख: 18 फरवरी 2026, बुधवार

चंद्र दर्शन का शुभ समय: शाम 6:13 बजे से 7:05 बजे तक (लगभग 52 मिनट)

चंद्रोदय समय: शाम करीब 6:13-6:20 बजे (सूर्यास्त के तुरंत बाद चंद्रमा दिखाई देगा)

नोट: समय स्थान के अनुसार थोड़ा बदल सकता है। उत्तर भारत (जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश) में यह समय लगभग यही रहेगा, लेकिन दक्षिण या पूर्व में 5-10 मिनट का अंतर हो सकता है। सटीक समय के लिए स्थानीय पंचांग या Drik Panchang जैसी साइट चेक करें। इस दिन चंद्रमा बहुत पतला (सुंदर कंगन जैसा) दिखाई देगा, इसलिए सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में साफ आसमान में देखें।

चंद्र दर्शन की पूजा विधि (सरल और पारंपरिक तरीका):

स्नान और तैयारी: सुबह स्नान करें, साफ वस्त्र पहनें। घर में पूजा स्थल साफ करें।

पूजा सामग्री: चावल, दूध, चीनी, फल (खासकर सफेद फल जैसे केला, नारियल), फूल, अगरबत्ती, दीपक, चंदन, रोली, मिठाई और अर्घ्य के लिए चांदी/कांच का लोटा।

पूजा शुरू: शाम को चंद्र दर्शन के समय (सूर्यास्त के बाद) चंद्रमा की तरफ मुंह करके खड़े हों।

चंद्र देव को जल, दूध और चावल से अर्घ्य दें।

मंत्र जपें:

“ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्वाय धीमहि। तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात्॥”

या सरल: “ॐ सोमाय नमः” (108 बार जपें)।

आरती और प्रार्थना: चंद्रमा की आरती करें (शिव या विष्णु आरती भी कर सकते हैं, क्योंकि चंद्रमा शिव का आभूषण है)। प्रार्थना करें: “हे चंद्र देव, मेरे मन को शांत करें, परिवार में सुख-शांति दें।”

व्रत और दान: कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद फलाहार करते हैं। सफेद वस्त्र, चावल, दूध या चांदी का दान करें।

ध्यान रखें: चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलें। अगर बादल हों तो अगले दिन तक इंतजार करें, लेकिन आमतौर पर यह दिन ही मुख्य होता है।

चंद्र दर्शन के लाभ:

मानसिक तनाव दूर होता है।

चंद्रमा से जुड़ी राशियों (कर्क, वृश्चिक) पर विशेष कृपा।

नई शुरुआत, व्यापार या शिक्षा के लिए शुभ।

बच्चे और महिलाओं के लिए विशेष फायदेमंद।

फरवरी 2026 में यह चंद्र दर्शन फाल्गुन महीने की शुरुआत का प्रतीक है, जो महाशिवरात्रि और होली जैसे त्योहारों की ओर इशारा करता है। भक्त इस दिन चंद्र देव की कृपा पाने के लिए उत्सुक रहते हैं। अगर आप व्रत रख रहे हैं तो शुभ मुहूर्त में पूजा करें और परिवार के साथ इस पवित्र अवसर का आनंद लें।

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