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प्रेमानंद महाराज से मिले महाभारत के ‘युधिष्ठिर’, सुनाया अटल बिहारी वाजपेयी का दिलचस्प किस्सा

प्रेमानंद महाराज से मिले महाभारत के ‘युधिष्ठिर’, सुनाया अटल बिहारी वाजपेयी का दिलचस्प किस्सा

वृंदावन: प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज (प्रेमानंद महाराज) से हाल ही में महाभारत धारावाहिक में धर्मराज युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले अभिनेता गजेन्द्र चौहान ने मुलाकात की। यह मुलाकात भजन मार्ग आश्रम में हुई, जहां गजेन्द्र चौहान ने महाराज जी को महाभारत से जुड़ा एक प्रसिद्ध श्लोक सुनाया, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी बहुत पसंदीदा था।

गजेन्द्र चौहान ने बताया कि महाभारत में द्रौपदी द्वारा युधिष्ठिर से पूछे गए सवालों का संवाद बहुत गहरा है। उन्होंने महाराज जी को वह डायलॉग दोहराया, जिसमें युधिष्ठिर कहते हैं कि राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं है। यह श्लोक या संवाद अटल जी को इतना प्रिय था कि जब भी वे गजेन्द्र से मिलते, तो कहते, “यह वाला डायलॉग सुनाओ, यह सुनाओ।” अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रभक्ति और धर्म के प्रति अपनी गहरी आस्था के लिए जाने जाते थे, और यह किस्सा उनकी व्यक्तिगत पसंद को दर्शाता है।

मुलाकात के दौरान गजेन्द्र चौहान ने महाराज जी से भक्ति, धर्म और जीवन के मूल्यों पर चर्चा की। महाराज जी ने उन्हें आशीर्वाद दिया और भक्ति में प्रेम व अपनापन की महत्ता बताई। यह घटना सोशल मीडिया और भजन मार्ग चैनल पर वायरल हो रही है, जहां लोग इसे देखकर भावुक हो रहे हैं। कई लोगों ने कमेंट्स में लिखा कि यह मुलाकात आध्यात्मिक और ऐतिहासिक दोनों स्तर पर खास है।

गजेन्द्र चौहान, जो बीजेपी से जुड़े रहे हैं और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं, ने कहा कि राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं – यह संदेश आज भी प्रासंगिक है। प्रेमानंद महाराज की सत्संग शैली और सरल भक्ति ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। यह मुलाकात वृंदावन की आध्यात्मिक परंपरा को मजबूत करती है, जहां अभिनेता और संतों के बीच ऐसे संवाद आम हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे किस्से न केवल व्यक्तिगत यादों को जीवंत रखते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को महाभारत के मूल्यों और नेताओं की सोच से जोड़ते हैं। यह घटना 2 फरवरी 2026 को खबरों में छाई रही।

 

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