स्ट्रोक से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी! AIIMS दिल्ली की स्टडी: रोज 30 मिनट धूप से तेजी से रिकवरी, नींद और मूड बेहतर
स्ट्रोक से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी! AIIMS दिल्ली की स्टडी: रोज 30 मिनट धूप से तेजी से रिकवरी, नींद और मूड बेहतर
स्ट्रोक (लकवा) के मरीजों के लिए एक सस्ता, आसान और बिना दवा वाला तरीका सामने आया है! AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों की नई रिसर्च से पता चला है कि रोजाना सिर्फ 30 मिनट धूप में रहने से स्ट्रोक रिकवरी में काफी सुधार होता है। यह थेरेपी मरीजों की जीवन गुणवत्ता (Quality of Life), नींद की क्वालिटी और मूड को बेहतर बनाती है—और सबसे खास बात, इसमें कोई अतिरिक्त खर्च नहीं!
स्टडी के मुख्य नतीजे क्या हैं?
AIIMS के पांचवें रिसर्च डे पर पेश की गई इस स्टडी में 200+ मरीजों की स्क्रीनिंग के बाद 40 मरीजों को चुना गया।
एक ग्रुप को रूटीन ट्रीटमेंट + रिहैबिलिटेशन मिला, जबकि दूसरे ग्रुप को वही सब + रोजाना 30 मिनट धूप (10,000–25,000 लक्स लेवल, यानी हल्की धूप) मिली—यह 15 दिनों तक हर दूसरे दिन दी गई।
धूप वाली ग्रुप में स्ट्रोक से जुड़ी क्वालिटी ऑफ लाइफ काफी बेहतर पाई गई। नींद और मूड में भी सुधार देखा गया, कोई साइड इफेक्ट नहीं।
स्टडी नवंबर 2023 से अप्रैल 2025 तक चली, और मॉडरेट स्ट्रोक वाले 18-80 साल के मरीजों पर की गई।
क्यों काम करती है यह थेरेपी?
धूप से विटामिन D बनता है, जो ब्रेन हेल्थ, मूड रेगुलेशन और इम्यूनिटी के लिए जरूरी है। स्ट्रोक के बाद कई मरीजों में विटामिन D की कमी होती है, जो रिकवरी को धीमा कर देती है। यह तरीका फ्री, सुरक्षित और घर पर ही उपलब्ध है—खासकर उन मरीजों के लिए जो महंगे रिहैब या थेरेपी नहीं ले पाते।
भारत में स्ट्रोक का बोझ
हर साल करीब 12.5 लाख नए स्ट्रोक केस आते हैं।
लाखों लोग लंबे समय तक डिसेबिलिटी से जूझते हैं।
महंगे इलाज और रिहैब की वजह से कई परिवार प्रभावित होते हैं।
डॉक्टर्स का कहना है कि यह छोटी-सी आदत रूटीन ट्रीटमेंट के साथ जोड़कर लाखों मरीजों की मदद कर सकती है। हालांकि स्टडी छोटी है और एक सेंटर पर हुई, लेकिन नतीजे उत्साहजनक हैं।
सावधानी: धूप में ज्यादा समय न रहें (खासकर दोपहर में), सनस्क्रीन यूज करें, और डॉक्टर से सलाह लें।
स्ट्रोक मरीजों के परिवारों के लिए यह एक आसान ‘घरेलू बूस्टर’ साबित हो सकता है! अगर आपके आसपास कोई स्ट्रोक से जूझ रहा है, तो इस स्टडी को शेयर जरूर करें।
