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1 फरवरी से बड़ा झटका! पान-मसाला, गुटखा और सिगरेट के शौकीनों की जेब पर भारी बोझ

1 फरवरी से बड़ा झटका! पान-मसाला, गुटखा और सिगरेट के शौकीनों की जेब पर भारी बोझ

नई दिल्ली, 31 जनवरी 2026: तंबाकू उत्पादों के शौकीनों के लिए बुरी खबर! कल यानी 1 फरवरी 2026 से केंद्र सरकार के नए टैक्स नियम लागू हो जाएंगे, जिससे सिगरेट, पान मसाला, गुटखा, चबाने वाला तंबाकू और अन्य निकोटिन प्रोडक्ट्स महंगे हो जाएंगे। वित्त मंत्रालय ने सेंट्रल एक्साइज एक्ट में संशोधन कर जीएसटी कंपेंसेशन सेस को हटाकर उसकी जगह अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस लगा दिया है। ये नए शुल्क मौजूदा 40% GST के ऊपर लगेंगे (बीड़ी पर 18% GST बरकरार)।

मुख्य बदलाव क्या हैं?

सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी: सिगरेट की लंबाई और फिल्टर के आधार पर प्रति स्टिक ₹2.05 से ₹8.50 तक अतिरिक्त ड्यूटी लगेगी।

65 mm तक की छोटी बिना फिल्टर सिगरेट: लगभग ₹2.05 प्रति स्टिक

70-75 mm वाली फिल्टर वाली: ₹5-6 तक प्रति स्टिक

लंबी और प्रीमियम सिगरेट (75 mm+): ₹8.50 तक प्रति स्टिक

इससे कुल लागत में 22-28% तक बढ़ोतरी संभावित, जिससे कंपनियां MRP बढ़ा सकती हैं। सस्ती सिगरेट 2-3 रुपये और महंगी 5-8 रुपये प्रति स्टिक तक महंगी हो सकती हैं।

पान मसाला और गुटखा: पान मसाला पर हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस के साथ 88-91% तक ड्यूटी। गुटखा पर अब 91%, चबाने वाले तंबाकू और जर्दा पर 82% तक।

अन्य नियम: तंबाकू उत्पादों के लिए MRP आधारित नई वैल्यूएशन सिस्टम शुरू। पान मसाला/गुटखा मैन्युफैक्चरर्स को CCTV, पंजीकरण और मशीन डिटेल्स देनी होंगी। ई-सिगरेट और निकोटिन प्रोडक्ट्स पर 100% टैक्स।

सरकार का मकसद स्वास्थ्य सुधार, तंबाकू की खपत कम करना और राजस्व बढ़ाना है। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे स्मगलिंग बढ़ सकती है और कंपनियां जैसे ITC, Godfrey Phillips के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है।

शौकीनों के लिए अब हर कश या पान महंगा पड़ने वाला है—सेहत के साथ जेब भी झुलस सकती है! क्या ये बढ़ोतरी वाकई धूम्रपान कम करेगी, या बस महंगाई का नया दौर? कल से असर दिखना शुरू हो जाएगा।

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