चंडीगढ़ में फिर खिला कमल, भाजपा ने चौथी बार जीता मेयर चुनाव, सौरभ जोशी बने मेयर
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ पार्षद सौरभ जोशी आज चंडीगढ़ नगर निगम के नए मेयर चुने गए। उन्होंने त्रिकोणीय मुकाबले में 18 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) के योगेश ढींगरा को 11 और कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गब्बी को मात्र 7 वोट मिले। यह चुनाव 1996 के बाद पहली बार हाथ उठाकर (शो ऑफ हैंड्स) हुआ, जिसकी वजह से काफी चर्चा रही। भाजपा ने मेयर के साथ-साथ सीनियर डिप्टी मेयर (जसमानप्रीत सिंह) और डिप्टी मेयर (सुमन शर्मा) के पद भी जीतकर पूर्ण सफलता हासिल की।
सौरभ जोशी कौन हैं?
45 वर्षीय सौरभ जोशी चंडीगढ़ की स्थानीय राजनीति में एक जाना-माना नाम हैं। वे पंजाब यूनिवर्सिटी से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और वहां ABVP को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। 2011 से वे चंडीगढ़ नगर निगम में सक्रिय हैं और विभिन्न नागरिक मुद्दों पर मुखर रहते हैं। वे चंडीगढ़ भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और दिवंगत नेता जय राम जोशी के पुत्र हैं, जिन्हें शहर में ‘महात्मा गांधी’ के नाम से जाना जाता था। कुछ रिपोर्टों में उनका संबंध वरिष्ठ भाजपा नेता विनीत जोशी से भी बताया गया है।
किस वार्ड से हैं काउंसलर?
सौरभ जोशी वार्ड नंबर 12 से पार्षद चुने गए हैं, जिसमें सेक्टर 15, 16, 17 और 24 शामिल हैं। उनका फेसबुक पेज भी इसी वार्ड का उल्लेख करता है – “Councillor Ward Number 12 (Sector 15, 16, 17 & 24) Chandigarh Municipal Corporation”। कुछ स्रोतों में वार्ड 14 का जिक्र है, लेकिन अधिकांश विश्वसनीय रिपोर्ट्स और उनके आधिकारिक प्रोफाइल से वार्ड 12 ही पुष्ट होता है।
चुनाव की पृष्ठभूमि
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 36 पार्षद हैं। भाजपा के पास मजबूत बहुमत था, और कांग्रेस-आप के गठबंधन में दरार के कारण भाजपा को आसानी से जीत मिली। चुनाव में भावुक माहौल रहा, जीत के बाद सौरभ जोशी ने भावुक होकर साथियों का शुक्रिया अदा किया।
यह जीत भाजपा के लिए चंडीगढ़ में अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत है। सौरभ जोशी अब ‘सिटी ब्यूटीफुल’ की शोभा बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
