उत्तराखंड कैबिनेट ने लिए 8 महत्वपूर्ण निर्णय: ग्रीन हाइड्रोजन नीति से लेकर नया विश्वविद्यालय और भूमि हस्तांतरण तक
उत्तराखंड कैबिनेट ने लिए 8 महत्वपूर्ण निर्णय: ग्रीन हाइड्रोजन नीति से लेकर नया विश्वविद्यालय और भूमि हस्तांतरण तक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज उत्तराखंड सचिवालय में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की शुरुआत में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन पर गहरा शोक जताया गया और दो मिनट का मौन रखा गया। कैबिनेट ने कुल 8 प्रमुख प्रस्तावों पर मुहर लगाई, जिसमें हरित ऊर्जा, शिक्षा, भूमि प्रबंधन, स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधा और जनजाति कल्याण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
यहाँ कैबिनेट द्वारा लिए गए सभी महत्वपूर्ण निर्णयों की विस्तृत जानकारी:
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं/पर्यवेक्षकों के लिए जनपद परिवर्तन की अनुमति
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता/स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, जिन्होंने मूल संवर्ग में न्यूनतम 5 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली हो, को सम्पूर्ण सेवाकाल में एक बार म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग (आपसी सहमति) के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति दी जाएगी। कैबिनेट ने इस पर स्वीकृति प्रदान की।
आपसी समझौते से भूमि प्राप्ति की नई प्रक्रिया
राज्य में लघु/मध्यम/वृहद् परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्त करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई। भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धाराओं के तहत अत्यधिक समय लगने और मुकदमेबाजी से बचने के लिए यह कदम उठाया गया। इससे लोक जनहित की परियोजनाओं की लागत कम होगी और विवाद कम होंगे।
प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि हस्तांतरण में संशोधन
जनपद ऊधम सिंह नगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित करने हेतु SIDCUL (औद्योगिक विकास विभाग) को हस्तांतरित करने वाले शासनादेश (संख्या 670, दिनांक 25 मार्च 2025) में संशोधन किया गया। पहले शर्त थी कि भूमि को किसी व्यक्ति/संस्था को बेचने/पट्टे पर देने या हस्तांतरित करने का अधिकार नहीं होगा और 3 वर्ष में उपयोग पूरा करना अनिवार्य था। अब राजस्व विभाग की सहमति से औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से समान प्रयोजन हेतु उप-पट्टा (Sub-lease) करने की अनुमति दी गई।
जनजाति कल्याण विभाग का पुनर्गठन और सेवा नियमावली संशोधन
अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जनपदों (देहरादून, चमोली, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़) में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 4 जिला जनजाति कल्याण अधिकारियों के पद सृजित किए गए थे (शासनादेश संख्या 120, दिनांक 28.02.2025)। अब इन पदों को सेवा नियमावली में शामिल करने के लिए “उत्तराखंड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025” प्रख्यापित करने की मंजूरी दी गई।
भू-जल निकास पर जल मूल्य/प्रभार की दरें लागू
राज्य में गैर-कृषिकारी उपयोग (कृषि, राजकीय पेयजल को छोड़कर) के लिए भू-जल निकास पर जल मूल्य/प्रभार की दरें लागू की गईं। सुरक्षित, अर्ध-गंभीर, गंभीर और अतिदोहित क्षेत्रों के आधार पर दरें निर्धारित की गईं। औद्योगिक इकाइयों, रेजिडेंशियल अपार्टमेंट/ग्रुप हाउसिंग, होटल, वॉटर एम्यूजमेंट पार्क, वाहन धुलाई सेंटर, स्वीमिंग पूल आदि के लिए पंजीकरण शुल्क ₹5000/- होगा। इससे भू-जल के अनियंत्रित दोहन को रोका जाएगा और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
देहरादून में नया निजी विश्वविद्यालय: GRD उत्तराखंड विश्वविद्यालय
राज्य को शिक्षा हब बनाने और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए जनपद देहरादून में “जी.आर.डी. उत्तराखंड विश्वविद्यालय” स्थापित करने की स्वीकृति दी गई। विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा में नवाचार, व्यक्तित्व विकास, वंचित वर्गों को शिक्षा, राज्य विषयक शोध और रोजगार सृजन होगा।
चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों का हस्तांतरण
जनपद उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टियों को भारतीय वायु सेना (रक्षा मंत्रालय) को सामरिक महत्व के कारण एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (ALG) के रूप में लीज पर हस्तांतरित करने की सहमति दी गई। यह भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के बीच उच्च स्तरीय बैठकों में हुई सहमति के आधार पर है, ताकि नागरिक और सैन्य संचालन दोनों संभव हों।
उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026 को मंजूरी
हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए “उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” प्रख्यापित करने की मंजूरी दी गई। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन नीति 2022 और मिशन 2023 के अनुरूप यह नीति राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, नेट जीरो लक्ष्य, रोजगार सृजन और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करेगी। राज्य के जल विद्युत संसाधनों का उपयोग हरित हाइड्रोजन उत्पादन में किया जाएगा।
ये निर्णय राज्य के विकास, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और औद्योगिक प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कैबिनेट बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की जानकारी दी।
