‘डिप्टी CM का बदला लहजा’, डीके शिवकुमार के बयान पर BJP नेता आर. अशोक का बड़ा दावा
‘डिप्टी CM का बदला लहजा’, डीके शिवकुमार के बयान पर BJP नेता आर. अशोक का बड़ा दावा
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के अंदरूनी कलह और सीएम-डिप्टी सीएम के बीच तनाव की चर्चा फिर तेज हो गई है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के हालिया बयानों (खासकर दावोस में दिए गए) पर भाजपा नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक (R. Ashoka) ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार का लहजा अब बदल गया है – पहले के आक्रामक और सत्ता परिवर्तन की मांग वाले बयानों से अब वे सकारात्मक और संतुलित दिख रहे हैं, जो पार्टी में दरार और आंतरिक दबाव का संकेत है।
आर. अशोक का मुख्य दावा (25 जनवरी 2026):
डीके शिवकुमार ने दावोस (स्विट्जरलैंड) में विश्व आर्थिक मंच पर दिए बयान में कर्नाटक की अर्थव्यवस्था और विकास पर सकारात्मक टिप्पणी की, जबकि राहुल गांधी ने हाल ही में ‘डेड इकोनॉमी’ (मृत अर्थव्यवस्था) जैसी आलोचना की थी।
आर. अशोक ने इसे कांग्रेस में बढ़ती कलह का प्रमाण बताया और दावा किया कि डीके शिवकुमार अब सिद्धारमैया के खिलाफ खुलकर नहीं बोल रहे, क्योंकि पार्टी हाईकमान या आंतरिक दबाव से उन्हें पीछे हटना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा: “डीके शिवकुमार का लहजा अब बदला हुआ है। पहले वे सीएम पद की मांग करते थे, अब चुप्पी या सकारात्मक बयान दे रहे हैं। यह दिखाता है कि कांग्रेस में दरार गहरी हो गई है और सत्ता संघर्ष जारी है।”
भाजपा का आरोप है कि यह ‘बदला लहजा’ डिप्टी सीएम की कमजोर स्थिति और पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को दबाने की कोशिश है।
बैकग्राउंड और विवाद:
कर्नाटक कांग्रेस में सिद्धारमैया vs डीके शिवकुमार का सत्ता संघर्ष लंबे समय से चल रहा है। कई कांग्रेस MLA और नेता डीके शिवकुमार को अगले सीएम के रूप में देखते हैं।
हाल ही में कुछ MLA ने दावा किया कि जनवरी 2026 में ही नेतृत्व बदल सकता है, लेकिन डीके शिवकुमार ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वे आलाकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
डीके शिवकुमार ने दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात की और कहा: “समय ही सब बताएगा” – जिसे भाजपा ने असंतोष का संकेत बताया।
आर. अशोक ने इसे बार-बार उठाया है कि कांग्रेस सरकार में कोऑर्डिनेशन की कमी है, जिससे राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है।
यह बयान कर्नाटक की सियासत में नया तड़का लगाता है, खासकर जब विधानसभा सत्र और आगामी चुनावों की चर्चा चल रही है। कांग्रेस ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह भाजपा की राजनीतिक चाल है।
क्या डीके शिवकुमार का ‘बदला लहजा’ वाकई पार्टी में बदलाव का संकेत है? या सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी? कर्नाटक की सियासत गरमाती जा रही है!
