स्विट्जरलैंड के दावोस में WEF से अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान: ‘एक साल में भारत ज्यादातर AI काम सोवरेन मॉडल्स पर चला लेगा’ – पूरी दुनिया ने सुना!
स्विट्जरलैंड के दावोस में WEF से अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान: ‘एक साल में भारत ज्यादातर AI काम सोवरेन मॉडल्स पर चला लेगा’ – पूरी दुनिया ने सुना!
विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum – WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक में केंद्रीय रेल, आईटी और सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) रणनीति पर बड़ा ऐलान किया, जिसने वैश्विक पटल पर सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने कहा कि एक साल के भीतर भारत ज्यादातर AI-संबंधित काम घरेलू (सोवरेन) मॉडल्स पर चला लेगा, जिससे देश कम्प्यूट पावर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में आत्मनिर्भर बनेगा।
ऐलान की मुख्य बातें
वैष्णव ने WEF के पैनल ‘AI Power Play’ और ‘Role of AI in Economic Growth and Global Influence’ में बोलते हुए कहा: “एक साल में अब ज्यादातर AI काम हम अपने सोवरेन मॉडल्स पर कर लेंगे।”
भारत ने नेशनल AI मिशन के तहत घरेलू कम्प्यूट क्षमता, मॉडल्स और एप्लिकेशन्स को स्केल पर बनाने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप में 38,000 GPUs को कमन कम्प्यूट फैसिलिटी के रूप में उपलब्ध कराया है, जो स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स और स्टार्टअप्स को ग्लोबल कीमत से एक-तिहाई पर मिल रहा है।
AI आर्किटेक्चर के पांच लेयर्स (एप्लिकेशन, मॉडल, चिप, इंफ्रा, एनर्जी) पर जोर देते हुए कहा कि बड़े मॉडल बनाने से देश की पावर नहीं मिलती – ROI (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट) और लोकतंत्रीकरण से आएगी।
छोटे, एफिशिएंट मॉडल्स पर फोकस, जो CPU पर चल सकें – इससे विदेशी सप्लायर्स पर निर्भरता कम होगी और जियोपॉलिटिकल रिस्क घटेगा।
IMF चीफ को दिया करारा जवाब
IMF मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जिवा ने भारत को AI पावर में “दूसरे ग्रुप” में रखा था, लेकिन वैष्णव ने इसे खारिज करते हुए कहा: “भारत स्पष्ट रूप से पहले ग्रुप में है।” उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के आकलन का हवाला दिया, जहां भारत AI पेनेट्रेशन, तैयारी और टैलेंट में दुनिया में तीसरे स्थान पर है (टैलेंट में दूसरे)। वैष्णव ने कहा कि AI के मापदंड गलत हैं – भारत AI में यूजर नहीं, बल्कि पावरहाउस बन रहा है।
अन्य हाइलाइट्स
भारत की अर्थव्यवस्था अगले 5 साल में 6-8% रियल ग्रोथ (10-13% नॉमिनल) की उम्मीद।
सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और रेल मॉडर्नाइजेशन पर फोकस।
वैष्णव ने IBM CEO अरविंद कृष्णा और Meta के Joel Kaplan से मुलाकात की, जहां भारत के AI और सेमीकंडक्टर ग्रोथ पर चर्चा हुई।
यह ऐलान दावोस 2026 में भारत की मजबूत उपस्थिति का हिस्सा है, जहां प्रधानमंत्री मोदी की ‘विकसित भारत’ विजन को ग्लोबल स्टेज पर रखा गया। वैष्णव के बयान ने AI की ग्लोबल रेस में भारत की लीडरशिप को मजबूत संदेश दिया।
अधिक जानकारी के लिए WEF की ऑफिशियल वेबसाइट, Business Today, Amar Ujala या ANI चेक करें। क्या लगता है, भारत AI में टॉप पावर बनेगा? कमेंट में बताएं!
