बिहार चुनाव के सबक: राहुल गांधी के रायबरेली दौरे में दिखे बदले तेवर
रायबरेली, 21 जनवरी 2026: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के कड़वे सबकों को आत्मसात करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी राजनीतिक शैली में उल्लेखनीय बदलाव दिखाया है। रायबरेली के हालिया दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर फोकस करते हुए किसानों और युवाओं से सीधा संवाद किया, जो उनकी पहले की राष्ट्रीय स्तर की रैलियों से काफी अलग था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह ‘बदले तेवर’ कांग्रेस की भावी रणनीति का संकेत हो सकते हैं।
बिहार चुनाव में एनडीए की जीत और महागठबंधन की हार ने विपक्षी दलों को गहरा झटका दिया था। कांग्रेस, जो राजद-कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा थी, मात्र कुछ सीटों पर सिमट गई। चुनावी विश्लेषणों में राहुल गांधी की रैलियों को ‘भावनात्मक लेकिन व्यावहारिकता से दूर’ बताया गया था। लेकिन रायबरेली दौरे में उन्होंने इस आलोचना को ध्यान में रखते हुए बदली रणनीति अपनाई।
दौरे के दौरान राहुल ने अमेठी-रायबरेली क्षेत्र के किसानों से कृषि कानूनों, एमएसपी और रोजगार के मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, “बिहार ने हमें सिखाया है कि जमीन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देनी होगी। अब हम सिर्फ बातें नहीं, ठोस समाधान लेकर आएंगे।” यह बयान उनकी पहले की ‘चौकीदार चोर है’ जैसी आक्रामक शैली से अलग, अधिक रचनात्मक और स्थानीय केंद्रित लगा।
रायबरेली, जो गांधी परिवार की पारंपरिक सीट है, में राहुल ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय मुद्दों को उठाने की सलाह दी। एक स्थानीय कार्यकर्ता ने बताया, “राहुल जी पहले से ज्यादा सुलझे हुए लगे। उन्होंने बिहार की गलतियों से सीखने पर जोर दिया।”
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह बदलाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा हो सकता है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस दौरे में शामिल हुईं और उन्होंने कहा कि पार्टी अब ‘जन-केंद्रित’ अभियान पर फोकस करेगी।
हालांकि, भाजपा ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि “राहुल गांधी के तेवर बदलने से कांग्रेस की किस्मत नहीं बदलेगी।” लेकिन विपक्षी हलकों में इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह ‘बदले तेवर’ कांग्रेस को नई ऊर्जा दे पाएंगे।
