चौथे दिन पानी भरे गड्ढे से निकाली गई युवराज मेहता की कार! फोरेंसिक जांच में मिलेंगे सुराग
चौथे दिन पानी भरे गड्ढे से निकाली गई युवराज मेहता की कार! फोरेंसिक जांच में मिलेंगे सुराग, जांच SIT के हाथ में
ग्रेटर नोएडा: नोएडा के सेक्टर-150 में 16-17 जनवरी की रात हुई दर्दनाक घटना में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में बड़ा अपडेट! हादसे के चौथे दिन (20 जनवरी 2026) एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने क्रेन की मदद से युवराज की मारुति ग्रैंड विटारा को पानी से भरे गहरे गड्ढे से निकाल लिया। कार सनरूफ खुला और फ्रंट विंडशील्ड क्षतिग्रस्त हालत में मिली, जो हादसे की गंभीरता दर्शाती है।
कार निकालने का मंजर:
गड्ढा 20-40 फीट गहरा (कुछ रिपोर्ट्स में 70 फीट तक) और पानी से भरा था – निर्माणाधीन मॉल/कमर्शियल प्रोजेक्ट के बेसमेंट के लिए खोदा गया।
एनडीआरएफ गोताखोरों ने 3-4 घंटे की मेहनत के बाद कार को लोकेट किया।
क्रेन से कार को बाहर निकाला गया – अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गई है।
जांच में यह देखा जाएगा कि कार कैसे गिरी, सनरूफ खुला क्यों था (संभवतः युवराज ने मदद के लिए बाहर निकलने की कोशिश की), और क्या कोई मैकेनिकल फेलियर था।
कार की हालत से हादसे के क्रम के महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
हादसे की याद ताजा:
16 जनवरी की मध्यरात्रि में घने कोहरे के बीच युवराज गुरुग्राम से घर (टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी) लौट रहे थे।
सेक्टर-150 के ATS Le Grandiose के पास 90 डिग्री टर्न पर कार अनियंत्रित होकर टूटी बाउंड्री से गुजरी और पानी भरे गड्ढे में जा गिरी।
युवराज कार से बाहर निकलकर छत पर चढ़े, टॉर्च जलाकर और फोन पर पिता राजकुमार मेहता को मदद मांगी – करीब 90 मिनट (2 घंटे) तक गुहार लगाई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत एंटे-मॉर्टम डूबने से घुटन (asphyxia) और उसके बाद कार्डियक अरेस्ट से हुई। फेफड़ों में 1-2 लीटर पानी मिला।
रेस्क्यू में देरी: शुरुआती टीम पहुंची लेकिन ठंड, कोहरा, सरिया और उपकरणों की कमी से गोताखोर नहीं उतरे। शरीर सुबह 4:30 बजे निकाला गया।
कार्रवाई और जांच अपडेट:
बिल्डर गिरफ्तार: MZ Wish Town Planners के डायरेक्टर अभय कुमार को नामजद आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। दूसरी कंपनी Lotus Greens ने दावा किया कि प्लॉट 2019-20 में ट्रांसफर हो चुका था।
FIR: culpable homicide not amounting to murder (BNS 105), causing death by negligence (106(1)), act endangering life (125) के तहत।
SIT जांच: CM योगी आदेश पर 3 सदस्यीय SIT (अध्यक्ष: ADG भानु भास्कर) गठित – 5 दिनों में रिपोर्ट।
नोएडा अथॉरिटी एक्शन: CEO लोकेश एम हटाए गए, जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवा समाप्त, अन्य को कारण बताओ नोटिस। सभी निर्माण साइट्स पर सुरक्षा चेक।
पुरानी चेतावनी: 2023 में सिंचाई विभाग ने पानी जमा होने पर हेड रेगुलेटर बनाने की सिफारिश की थी, लेकिन अनदेखी हुई।
परिवार और समाज की मांग:
पिता राजकुमार मेहता: “अगर समय पर बचाव हुआ होता तो बेटा बच जाता।” वे हरिद्वार में अस्थि विसर्जन कर चुके हैं।
स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकाला, न्याय की मांग की।
यह मामला NCR में निर्माण साइट्स पर सुरक्षा मानकों की कमी और प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
युवराज जैसे युवा की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। SIT रिपोर्ट से आगे की कार्रवाई तय होगी – उम्मीद है कि दोषियों को सजा मिलेगी!
