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कर्तव्य पथ पर इस बार दिखेंगे ये घातक हथियार! गणतंत्र दिवस 2026 परेड में ‘बैटल एरे’ फॉर्मेट, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली झलक

कर्तव्य पथ पर इस बार दिखेंगे ये घातक हथियार! गणतंत्र दिवस 2026 परेड में ‘बैटल एरे’ फॉर्मेट, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली झलक

नई दिल्ली: 26 जनवरी 2026 को 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड में भारतीय सेना अपनी पूरी ताकत दिखाएगी। इस बार परेड का फॉर्मेट पूरी तरह नया है – ‘बैटल एरे’ (रणभूमि व्यूह रचना)! पहली बार हथियार, टैंक, मिसाइल और विमान वास्तविक युद्ध की तरह क्रम में दिखाए जाएंगे – सर्विलांस से शुरू होकर स्ट्राइक और सपोर्ट तक। थीम है ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ। यह ऑपरेशन सिंदूर (पाकिस्तान के खिलाफ सफल ऑपरेशन) के बाद पहली परेड है, जहां स्वदेशी हथियारों का खास प्रदर्शन होगा।

इस बार कर्तव्य पथ पर दिखने वाले प्रमुख हथियार और सिस्टम:

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल – दुनिया की सबसे तेज मिसाइल, पाकिस्तान के लिए ‘खंजर’ जैसी।

ATAGS (अडवांस्ड टॉव्ड आर्टिलरी गन सिस्टम) – 155mm हॉवित्जर, लंबी रेंज वाली घातक तोप।

MR-SAM (मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल) – हवाई हमलों से सुरक्षा।

आकाश एयर डिफेंस सिस्टम – स्वदेशी एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल।

ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार – ड्रोन युद्ध की नई ताकत, सर्विलांस और अटैक।

दिव्यास्त्र-शक्तिबाण रेजीमेंट – नई रेजीमेंट, ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी।

रोबोटिक म्यूल्स और UGV (अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल) – रोबोटिक सपोर्ट, ऑल टेरेन व्हीकल्स।

T-90 टैंक, BMP-II इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल, NAMIS-II (नाग मिसाइल सिस्टम) – टैंक और एंटी-टैंक मिसाइल।

Dhanush आर्टिलरी गन – अपग्रेडेड Bofors।

URLS (Unmanned Robotic Logistics System) – लॉजिस्टिक सपोर्ट।

अन्य हाइलाइट्स:

मैकेनाइज्ड कॉलम में HMRV (BFSR + ATGM), ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर, Arjun टैंक आदि।

फ्लाईपास्ट में 29 विमान – Su-30MKI, Rafale, MiG-29, P-8I, C-295, LCH Prachand, ALH आदि (तेजस इस बार नहीं)।

भैरव बटालियन (लाइट कमांडो) और लद्दाख स्काउट्स की व्यूह रचना।

मूक योद्धा दस्ता – पहली बार भारतीय नस्ल के कुत्ते, बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर पोनी, रैप्टर्स (शिकारी पक्षी)।

कुल 18 मार्चिंग कॉन्टिंजेंट, 13 बैंड्स, 30 झांकियां (17 राज्य/UT, 13 मंत्रालय)।

मुख्य अतिथि: यूरोपीय संघ के नेता – एंटोनियो कोस्टा (यूरोपीय परिषद अध्यक्ष) और उर्सुला वॉन डेर लेयेन (यूरोपीय आयोग अध्यक्ष)।

क्यों है ये परेड खास? पहली बार परेड में लाइव कमेंट्री होगी, जो हर यूनिट की भूमिका, हथियार और युद्ध रणनीति बताएगी। यह सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता, आत्मनिर्भर भारत और वंदे मातरम की भावना को दिखाएगा। सुरक्षा ‘अभेद्य किला’ जैसी – 10,000 जवान, 1000+ कैमरे, स्नाइपर, एंटी-ड्रोन।

26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर ‘युद्ध का मैदान’ सजने वाला है – भारत की सैन्य ताकत दुनिया देखेगी!

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