भारत की बैडमिंटन क्वीन साइना नेहवाल ने आधिकारिक तौर पर संन्यास का ऐलान किया: “अब शरीर नहीं झेल पा रहा इंटरनेशनल प्रेशर”
भारत की बैडमिंटन क्वीन साइना नेहवाल ने आधिकारिक तौर पर संन्यास का ऐलान किया: “अब शरीर नहीं झेल पा रहा इंटरनेशनल प्रेशर”
भारतीय बैडमिंटन की आइकॉनिक खिलाड़ी और लंदन ओलंपिक 2012 की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल ने प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन से संन्यास ले लिया है। पिछले करीब 2-3 सालों से गंभीर घुटने की समस्या (क्रॉनिक नी इंजरी और आर्थराइटिस) से जूझ रही 35 वर्षीय साइना ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उनका शरीर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का दबाव बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “मैंने सोचा कि बस काफी है, अब और नहीं धकेल सकती।”
संन्यास की घोषणा और कारण
साइना ने पिछले 2 साल पहले ही प्रतिस्पर्धी खेलना बंद कर दिया था, लेकिन औपचारिक ऐलान नहीं किया था।
एक पॉडकास्ट (Subhojit Ghosh के साथ बातचीत) में उन्होंने कहा: “मैंने खेल की शुरुआत अपने दम पर की और इसे भी अपने फैसले से छोड़ा। किसी बड़ी घोषणा की जरूरत नहीं थी। जब कोई खिलाड़ी खेलने लायक नहीं रहता, तो बस वहीं बात खत्म हो जाती है।”
घुटने की समस्या इतनी गंभीर हो गई कि 8-9 घंटे की ट्रेनिंग की जगह अब 1-2 घंटे में ही सूजन और दर्द शुरू हो जाता था। उन्होंने कहा, “कार्टिलेज पूरी तरह डिजनरेट हो गया है, आर्थराइटिस हो गया है। अब धकेलना मुश्किल है।”
आखिरी मैच: सिंगापुर ओपन 2023 में खेला था, उसके बाद कोई प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला।
साइना का गौरवशाली करियर हाइलाइट्स
पहली भारतीय महिला जो विश्व नंबर 1 रैंकिंग पर पहुंचीं (2015)।
लंदन 2012 ओलंपिक में कांस्य पदक – भारत की पहली बैडमिंटन ओलंपिक मेडल।
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनलिस्ट (2015) – भारत की पहली महिला।
कॉमनवेल्थ गेम्स में 2 गोल्ड (2010, 2018)।
24 अंतरराष्ट्रीय टाइटल जीते, जिसमें इंडोनेशिया ओपन, इंडिया ओपन जैसे बड़े टूर्नामेंट शामिल।
भारत में बैडमिंटन को पॉपुलर बनाने वाली प्रमुख खिलाड़ी – पी.वी. सिंधु, लक्ष्य सेन जैसे युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत।
साइना ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में सब कुछ दिया – घर, दोस्त, सामान्य जीवन का त्याग किया। अब वे धीरे-धीरे लोगों को महसूस कराएंगी कि “साइना अब नहीं खेल रही”। फैंस और खेल जगत में शोक की लहर है, लेकिन सब उनकी बहादुरी और योगदान की सराहना कर रहे हैं।
साइना नेहवाल – एक युग का अंत, लेकिन उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी!
