यूपी SIR ड्राफ्ट लिस्ट से सबसे ज्यादा टेंशन में BJP! 2.89 करोड़ नाम कटने से बढ़ी चिंता
यूपी SIR ड्राफ्ट लिस्ट से सबसे ज्यादा टेंशन में BJP! 2.89 करोड़ नाम कटने से बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने सियासी हलचल मचा दी है। 6 जनवरी 2026 को जारी इस लिस्ट में कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कट गए हैं, जिससे राज्य में कुल वोटर अब 12.55 करोड़ रह गए हैं (पहले 15.44 करोड़ थे)। ये कटौती 18.7% है, जो देश में सबसे ज्यादा है। कारण बताए गए हैं – मौत (46 लाख), पलायन/गैरमौजूदगी (2.17 करोड़), डुप्लिकेट नाम (25 लाख) आदि।
लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी भाजपा को हुई है। पार्टी के अंदरूनी आकलन और मीटिंग्स में साफ दिखा कि ये कटौती खासकर शहरी इलाकों (लखनऊ में 30%, गाजियाबाद में 28%) में ज्यादा हुई, जहां BJP का मजबूत वोट बैंक माना जाता है। CM योगी आदित्यनाथ ने इसे “गंभीर” बताते हुए पार्टी को युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए। विधायकों, सांसदों, मंत्रियों को बूथ लेवल पर फॉर्म-6 भरवाने और नाम जुड़वाने का टास्क सौंपा गया। दिल्ली हाईकमान भी अलर्ट है, और रोजाना रिपोर्ट मांगी जा रही है।
विपक्ष का आरोप
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इसे “साजिश” बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि ये PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वोट काटने की कोशिश है।
कांग्रेस ने दावा किया कि OBC और मुस्लिम बहुल इलाकों में ज्यादा नाम कटे, और पार्टी नेता गुरदीप सिंह सप्पल का नाम भी गायब है।
विपक्ष कह रहा है कि ये 2027 विधानसभा चुनाव में BJP को नुकसान पहुंचाएगा, खासकर उन 53 सीटों पर जहां पिछली बार हार-जीत का अंतर 5000 वोट से कम था।
क्या करें अगर नाम कट गया?
6 फरवरी 2026 तक दावा/आपत्ति दर्ज कराएं (फॉर्म-6 नए नाम के लिए, फॉर्म-7 आपत्ति के लिए)।
ऑनलाइन चेक करें: voters.eci.gov.in पर EPIC नंबर से सर्च करें।
अंतिम लिस्ट 6 मार्च 2026 को आएगी।
ये ड्राफ्ट लिस्ट है, फाइनल नहीं — दावे-आपत्तियों के बाद बदलाव संभव हैं। लेकिन फिलहाल BJP के लिए ये बड़ा झटका है, और पार्टी पूरी ताकत लगा रही है नाम वापस जुड़वाने में। सियासत गरम है, देखना होगा अंतिम लिस्ट में क्या होता है!
आपके इलाके में कितने नाम कटे? या नाम चेक किया? कमेंट में बताएं।
