Saturday, September 12, 2026
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अमेरिकी को भारत का कड़ा जवाब: ‘ट्रंप को व्यापार समझौते के लिए फोन नहीं किया, खबरें गलत’

अमेरिकी को भारत का कड़ा जवाब: ‘ट्रंप को व्यापार समझौते के लिए फोन नहीं किया, खबरें गलत’

नई दिल्ली। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं को लेकर उठे विवाद के बीच भारत सरकार ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव की टिप्पणियों पर स्पष्ट और मजबूत बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर बातचीत जारी है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को किसी व्यापार समझौते के लिए फोन नहीं किया था। MEA ने इसे “खबरों में गलत वर्णन” करार दिया।

भारत का आधिकारिक बयान क्या था?

MEA के प्रवक्ता रवीश कुमार ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा:

“हमने अमेरिकी वाणिज्य सचिव की टिप्पणियां देखी हैं। भारत और अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी 2025 को ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे। तब से, दोनों पक्षों ने संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है। कई मौकों पर हम समझौते के बेहद करीब पहुंचे। खबरों में इन चर्चाओं का जो वर्णन किया गया है, वह सटीक नहीं है।

हम दो पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं और इसे पूरा करने के लिए तत्पर हैं। संयोगवश, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 के दौरान 8 बार फोन पर भी बात की है, जिसमें हमारी व्यापक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने व्यापार समझौते के लिए फिलहाल ट्रंप को फोन नहीं किया था।”

यह बयान अमेरिकी पक्ष द्वारा लगाए गए दावों का सीधा खंडन है, जिसमें कहा जा रहा था कि PM मोदी ने ट्रंप को फोन कर डील जल्द करने की अपील की थी।

विवाद की जड़ क्या है?

अमेरिकी वाणिज्य सचिव ने हाल ही में एक इंटरव्यू में दावा किया था कि “मोदी ने ट्रंप को फोन किया और डील पर जोर दिया”।

ट्रंप ने भी सोशल मीडिया और प्रेस ब्रीफिंग में भारत को “टैरिफ किंग” कहा और व्यापार असंतुलन का आरोप लगाया।

भारत ने जवाब में कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत नियमित और पारदर्शी है, लेकिन कोई एकतरफा दबाव या फोन कॉल नहीं हुआ।

दोनों देशों के बीच 2025 की 8 फोन कॉल्स

MEA ने यह भी खुलासा किया कि PM मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने पूरे 2025 में 8 बार फोन पर बात की, लेकिन इनमें व्यापार समझौते पर कोई विशेष फोकस नहीं था। ये कॉल्स मुख्य रूप से:

इंडो-पैसिफिक सुरक्षा

क्वाड

रक्षा सहयोग

टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट जैसे व्यापक मुद्दों पर केंद्रित थीं।

यहां PM मोदी और ट्रंप की कुछ पुरानी मुलाकातों और फोन कॉल्स की याद दिलाती फाइल फोटोज:

आगे क्या?

भारत ने स्पष्ट किया कि वह संतुलित और पारस्परिक लाभ वाले समझौते के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी दबाव में नहीं आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान अमेरिकी प्रशासन को बैकफुट पर लाने की कोशिश है, ताकि वार्ता में भारत मजबूत स्थिति में रहे। अब देखना यह है कि ट्रंप प्रशासन इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द फाइनल होगी या तनाव और बढ़ेगा? समय बताएगा।

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