पुरानी दिल्ली: फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू, 17 बुलडोजर तैनात, इलाके में भारी पुलिस बल
पुरानी दिल्ली: फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू, 17 बुलडोजर तैनात, इलाके में भारी पुलिस बल
नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में रामलीला मैदान के पास स्थित 100 साल पुरानी फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई आज सुबह से शुरू हो गई है। एमसीडी की टीम ने मौके पर 17 बुलडोजर तैनात किए हैं, जबकि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल मौजूद है। दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें कुछ रास्तों से बचकर निकलने की सलाह दी गई है।
यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में हो रही है। कोर्ट ने ‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए एमसीडी और अन्य एजेंसियों को रामलीला मैदान के आसपास अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। जांच में पाया गया कि मस्जिद परिसर के बाहर करीब 0.195 एकड़ (लगभग 7,343 वर्ग फुट) सरकारी जमीन पर अवैध ढांचे बने हुए हैं, जिनमें बारात घर, डिस्पेंसरी और अन्य निर्माण शामिल हैं। एमसीडी ने 22 दिसंबर 2025 को इस संबंध में अंतिम आदेश जारी किया था।
मस्जिद प्रबंधन कमेटी ने इसे चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें दावा किया गया है कि विवादित जमीन दिल्ली वक्फ बोर्ड की है और मस्जिद ऐतिहासिक संरचना है। कोर्ट ने एमसीडी, केंद्र सरकार और वक्फ बोर्ड से जवाब मांगा है, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर फिलहाल रोक नहीं लगी है। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी कार्रवाई रोकने की अपील की थी और पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की थी।
इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। डीसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं – कुछ ने इसे सरकारी जमीन की रक्षा बताया, तो कुछ ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।
ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, तुर्कमान गेट, रामलीला मैदान और आसपास के रास्तों पर जाम की संभावना है। लोगों से वैकल्पिक रूट्स का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
अब देखना यह है कि कार्रवाई कितनी आगे बढ़ती है और कोर्ट की अगली सुनवाई में क्या फैसला आता है।
