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राजनीति से संन्यास के संकेत: नारायण राणे बोले- ‘अब घर बैठूंगा, कारोबार संभालूंगा’, साजिशों से भरी बताई आज की राजनीति!

राजनीति से संन्यास के संकेत: नारायण राणे बोले- ‘अब घर बैठूंगा, कारोबार संभालूंगा’, साजिशों से भरी बताई आज की राजनीति!

सिंधुदुर्ग/मुंबई, 4 जनवरी 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से लोकसभा सांसद नारायण राणे ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के मजबूत संकेत दिए हैं। 73 वर्षीय राणे ने सिंधुदुर्ग में आयोजित एक अभिनंदन समारोह में भावुक अंदाज में कहा कि अब वे “घर पर बैठने” और परिवार के व्यापारिक हितों की देखभाल करने का फैसला कर चुके हैं। उन्होंने आज की राजनीति को “साजिशों से भरी” बताते हुए कहा कि यह उनके इस निर्णय को और मजबूत करता है।

क्या बोले राणे?

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राणे ने कहा, “कभी-कभी ब्रेक लेना चाहिए। हमेशा काम करते रहना ठीक नहीं। आखिर अपना शरीर है। अब दोनों बेटे (निलेश और नितेश) काम कर रहे हैं, तो परिवार में किसी को कारोबार भी संभालना चाहिए।” उन्होंने अपने बेटों को “नांदासौख्य भरे” जीवन जीने की सलाह दी और कहा कि उनके बाद विकास की राजनीति निलेश (शिवसेना) और नितेश (राज्य मंत्री) आगे बढ़ाएंगे।

राणे ने राजनीति की कड़वी सच्चाई पर भी रोशनी डाली: “आज की राजनीति साजिशों से भरी हुई है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और निस्वार्थ सेवा करने की अपील की।

राजनीतिक सफर की झलक

नारायण राणे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री (1999) रह चुके हैं।

शिवसेना से शुरुआत कर कांग्रेस में गए, फिर अपनी पार्टी बनाई और 2019 में BJP में शामिल हुए।

उनके बेटे नितेश राणे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं, जबकि निलेश राणे भी सक्रिय राजनीति में हैं।

राणे कोणकण क्षेत्र में मजबूत प्रभाव रखते हैं।

यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे रहा है। क्या राणे वाकई संन्यास लेंगे या यह भावुक पल था? BJP नेतृत्व की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। कोणकण की राजनीति में राणे परिवार का प्रभाव बना रहेगा, लेकिन नारायण राणे की विदाई से खालीपन जरूर महसूस होगा। क्या यह महाराष्ट्र BJP के लिए नया दौर की शुरुआत है? आने वाले दिन बताएंगे!

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