उत्तराखंड

पूर्णागिरि धाम के लिए बड़ी सौगात: मां पूर्णागिरि मंदिर मार्ग पर पुल निर्माण को मंजूरी, अब साल भर चलेगी यात्रा!

पूर्णागिरि धाम के लिए बड़ी सौगात: मां पूर्णागिरि मंदिर मार्ग पर पुल निर्माण को मंजूरी, अब साल भर चलेगी यात्रा!

टनकपुर (चंपावत), 1 जनवरी 2026: नए साल की शुरुआत उत्तराखंड के श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी लेकर आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मां पूर्णागिरि मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर शारदा नदी के ऊपर महत्वपूर्ण पुल के निर्माण को अंतिम मंजूरी दे दी है। इस पुल के बनने से चैत्र नवरात्रि तक सीमित रहने वाली पूर्णागिरि यात्रा अब पूरे 12 महीने चल सकेगी। पहले बरसात में नदी उफान पर आने से मार्ग बंद हो जाता था, लेकिन अब यह समस्या खत्म हो जाएगी।

पूर्णागिरि धाम टनकपुर से करीब 20 किमी दूर नेपाल सीमा के पास स्थित है। हर साल चैत्र नवरात्रि में यहां 20-25 लाख श्रद्धालु आते हैं, लेकिन मानसून में शारदा नदी पर अस्थायी पुल बह जाने से यात्रा ठप हो जाती थी। अब 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्थायी पुल से साल भर दर्शन संभव होंगे। पुल की लंबाई करीब 400 मीटर होगी और यह चार लेन का होगा। निर्माण कार्य जनवरी 2026 से शुरू होने की उम्मीद है, जो 2 साल में पूरा हो जाएगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया। धामी ने कहा, “यह पुल न सिर्फ श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि टनकपुर-पूर्णागिरि क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट देगा।” कुमाऊं मंडल विकास निगम और लोक निर्माण विभाग मिलकर प्रोजेक्ट पर नजर रखेंगे।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों में खुशी की लहर है। पूर्णागिरि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ने कहा कि साल भर यात्रा से मंदिर की व्यवस्था मजबूत होगी और श्रद्धालुओं को बार-बार आने का मौका मिलेगा। नेपाल से भी बड़ी संख्या में भक्त आते हैं, इसलिए सीमा क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

इसके अलावा, पूर्णागिरि मार्ग पर पार्किंग, विश्राम गृह और रोपवे प्रोजेक्ट पर भी काम तेज होगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक पूर्णागिरि को ‘विश्व स्तरीय तीर्थ’ बनाया जाए। अगर आप मां पूर्णागिरि के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो अब मानसून में भी यात्रा संभव होगी – नए साल में मां का आशीर्वाद लेने का मौका साल भर!

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