अन्तर्राष्ट्रीय

यमन में सऊदी बमबारी: UAE भेजी हथियारों की खेप पर हमला, खाड़ी सहयोगियों के बीच बढ़ता तनाव

यमन में सऊदी बमबारी: UAE भेजी हथियारों की खेप पर हमला, खाड़ी सहयोगियों के बीच बढ़ता तनाव

दुबई/रियाद/मुकल्ला, 30 दिसंबर 2025: यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर मुकल्ला पर मंगलवार सुबह सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने ‘सीमित हवाई हमला’ किया। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के बयान के अनुसार, हमले का निशाना दो जहाजों से उतारी गई हथियारों और बख्तरबंद वाहनों की खेप थी, जो UAE के फुजैराह बंदरगाह से आई थी। गठबंधन ने आरोप लगाया कि जहाजों ने ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिए थे और ये हथियार UAE समर्थित अलगाववादी गुट सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के लिए थे। बयान में कहा गया, “ये हथियार शांति और स्थिरता के लिए खतरा थे, इसलिए सीमित ऑपरेशन कर उन्हें नष्ट किया गया। कोई हताहत या कोलेटरल डैमेज नहीं हुआ।”

पृष्ठभूमि में क्या चल रहा है?

दिसंबर की शुरुआत में STC ने तेल समृद्ध हदरमौत और अल-महरा प्रांतों पर कब्जा कर लिया, जो सऊदी समर्थित यमनी सरकार के नियंत्रण में थे।

सऊदी ने इसे ‘अनधिकृत और खतरनाक’ बताया, STC को वापसी की चेतावनी दी। 26 दिसंबर को वॉर्निंग स्ट्राइक्स की गईं।

यमनी प्रेसिडेंशियल काउंसिल के प्रमुख रशद अल-अलीमी ने UAE के साथ रक्षा समझौता रद्द कर दिया और Emirati फोर्सेस को 24 घंटे में निकालने का अल्टीमेटम दिया।

सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा ‘रेड लाइन’ है।

खाड़ी में नई दरार?

2015 से हूतियों के खिलाफ साथ लड़ रहे सऊदी और UAE अब दक्षिण यमन के नियंत्रण पर बंटे हैं। सऊदी यमन की एकता चाहता है, जबकि UAE STC को सपोर्ट कर दक्षिण की स्वायत्तता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टकराव GCC में दरार डाल सकता है, लेकिन दोनों के आर्थिक हित (OPEC) से पूर्ण जंग की संभावना कम है। अमेरिका ने ‘संयम और डिप्लोमेसी’ की अपील की। UAE ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

हूतियों को इससे फायदा हो सकता है, जो रेड सी में हमले जारी रखे हुए हैं। क्या यह तनाव डिप्लोमेसी से सुलझेगा या बढ़ेगा? आने वाले दिन बताएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *