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‘रणजी कोच बनकर सीखें रेड बॉल क्रिकेट’: मोंटी पनेसर ने गौतम गंभीर की कोचिंग काबिलियत पर उठाए बड़े सवाल

‘रणजी कोच बनकर सीखें रेड बॉल क्रिकेट’: मोंटी पनेसर ने गौतम गंभीर की कोचिंग काबिलियत पर उठाए बड़े सवाल

नई दिल्ली, 29 दिसंबर 2025: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की रेड बॉल क्रिकेट में कोचिंग स्टाइल पर इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने तीखा हमला बोला है। पनेसर ने सुझाव दिया कि गंभीर को पहले रणजी ट्रॉफी टीम का कोच बनकर अनुभव लेना चाहिए, ताकि वे समझ सकें कि टेस्ट क्रिकेट के लिए टीम कैसे तैयार की जाती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब गंभीर की कोचिंग में भारत को घरेलू सरजमीं पर न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से क्लीन स्वीप हार मिली है।

एएनआई से बातचीत में मोंटी पनेसर ने कहा, “गौतम गंभीर व्हाइट बॉल क्रिकेट में अच्छे कोच हैं, क्योंकि उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जैसी ट्रॉफी जिताई हैं। लेकिन रेड बॉल में उन्हें फायदा होगा अगर वे रणजी ट्रॉफी कोच बनें। उन्हें उन कोचों से बात करनी चाहिए जिन्होंने रणजी में कोचिंग की है, ताकि पता चले कि लाल गेंद से टीम कैसे बनाई जाती है। अभी भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में कमजोर है।”

पनेसर ने आगे शुभमन गिल पर भी निशाना साधा। उन्होंने गिल को ‘कॉम्प्लेसेंट’ (आत्मसंतुष्ट) बल्लेबाज करार देते हुए कहा कि गिल में विराट कोहली जैसी इंटेंसिटी और आक्रामकता नहीं है। गिल लेजी शॉट्स खेलते हैं, जबकि कोहली हर फॉर्मेट में पूरी तीव्रता दिखाते हैं।

गंभीर की कोचिंग में भारत ने 19 टेस्ट खेले हैं, जिनमें सिर्फ 7 जीते और 10 हारे। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 1-3 से गंवाने के बाद घर में दो क्लीन स्वीप ने उनकी रेड बॉल रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि व्हाइट बॉल में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। बीसीसीआई ने गंभीर की जॉब पर अफवाहों को खारिज किया है, लेकिन पनेसर जैसे पूर्व क्रिकेटरों की आलोचना से बहस छिड़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रोहित, कोहली और अश्विन जैसे दिग्गजों के रिटायरमेंट के बाद ट्रांजिशन पीरियड में टीम को मजबूत बनाने की चुनौती है। क्या गंभीर रणजी स्तर से अनुभव लेकर वापसी करेंगे? या बीसीसीआई कोई बड़ा बदलाव करेगा? आने वाला समय बताएगा।

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